Summer express/चम्बा,मंजूर पठान-: चम्बा जिला के चुराह विधानसभा क्षेत्र की छह पंचायतों के हजारों बच्चों के सामने शिक्षा से जुड़ी बड़ी समस्या खड़ी है। छह पंचायतों की 22 हजार से अधिक आबादी के बच्चों के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गनेड सबसे नजदीकी स्कूल है, लेकिन यहां लंबे समय से विज्ञान संकाय शुरू नहीं हो पाया है। इसके चलते दसवीं कक्षा के बाद विद्यार्थियों को विज्ञान की पढ़ाई के लिए तीसा मुख्यालय का रुख करना पड़ता है। आर्थिक और भौगोलिक परेशानियों के कारण कई बच्चे विज्ञान संकाय की बजाय कला संकाय में दाखिला लेने को मजबूर हैं। विद्यार्थियों ने प्रदेश सरकार से स्कूल में जल्द विज्ञान संकाय शुरू करने की मांग उठाई है।
चुराह विधानसभा क्षेत्र की छह पंचायतों के विद्यार्थियों के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गनेड शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। यहां आसपास की पंचायतों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ने पहुंचते हैं। स्कूल में दसवीं तक पढ़ाई पूरी करने के बाद विद्यार्थियों के सामने विषय चयन को लेकर परेशानी खड़ी हो जाती है। विद्यालय में विज्ञान संकाय उपलब्ध नहीं होने के कारण छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए तीसा जाना पड़ता है।कई परिवारों के लिए रोजाना दूर तक बच्चों को भेजना आसान नहीं है। ऐसे में विद्यार्थी चाहकर भी विज्ञान विषय नहीं ले पाते और कला संकाय में दाखिला लेने को मजबूर हो जाते हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि विज्ञान संकाय उपलब्ध नहीं होने से उनके भविष्य की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं.विद्यार्थियों ने कहा कि वे डॉक्टर और इंजीनियर बनना चाहते हैं, लेकिन स्कूल में विज्ञान संकाय नहीं होने के कारण उन्हें दसवीं के बाद विषय बदलने पड़ते हैं। बच्चों ने सरकार से मांग की है कि गनेड स्कूल में जल्द विज्ञान संकाय की कक्षाएं शुरू की जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी अपनी पसंद के विषय पढ़ने का अवसर मिल सके।
वहीं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गनेड के कार्यकारी प्रधानाचार्य लेख राज ने भी स्कूल में विज्ञान संकाय शुरू करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि छह पंचायतों की 22 हजार से अधिक आबादी के बच्चे इस विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। विज्ञान संकाय नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है।विद्यालय प्रशासन ने भी प्रदेश सरकार से मांग की है कि गनेड स्कूल में जल्द विज्ञान संकाय की कक्षाएं शुरू करने की व्यवस्था की जाए, ताकि क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने ही स्कूल में विज्ञान की पढ़ाई की सुविधा मिल सके और उन्हें आगे की शिक्षा के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।