सुनील | लुधियाना
समर न्यूज
लुधियाना रेलवे स्टेशन का पार्सल विभाग बीते कई महीनो से चर्चा में है। अब नई चर्चा है कि रेलवे के पार्सल विभाग का इंचार्ज तानाशाही बना हुआ है। आरोप है कि पार्सल इंचार्ज ने वीरवार सुबह 10 बजे ऐसा नियम बना लागू किया जिससे सीधे तौर पर व्यापारी परेशान हों।
एजेंटों ने बताया कि जब उक्त नियम के बारे में व्यापारियों से बात की तो व्यापारियों ने ट्रांसपोर्ट के लिए सड़क रास्ते को प्राथमिकता देना बताया। खुद की रोजी रोटी जाती देख इस नए नियम खिलाफ करीब 2 घंटे बाद वहां काम करने के लिए आने वाले प्राइवेट एजेंटों ने बगावत शुरू की तो दोपहर 2 बजे तक उन आदेशों को वापस भी ले लिया गया। चर्चा यह है की तानाशाही बने इंचार्ज के पास अधिकारियों के कोई भी लिखित आदेश नहीं थे। एजेंटों पर दबाव बनाने के लिए वह खुद ही इन आदेशों को बनाए हुए था। जब इसके बारे में फिरोजपुर मंडल के सीनियर डीसीएम (फ्रेट) से बात करने के लिए फोन किया तो उन्होंने रूटीन की तरह फोन नहीं उठाया। लेकिन तानाशाही बने हुए रेल के इस पार्सल अधिकारी के खिलाफ आखिरकार कार्रवाई होगी या नहीं यह बड़ा सवाल है। क्योंकि व्यापारियों ने मांग की है कि रेलवे की छवि खराब करने वाले ऐसे लोगों पर रेल एडमिनिस्ट्रेशन को सख्त रवैया अपना कार्रवाई करनी चाहिए।
}नियम जिस पर हुई बगावत
वीरवार सुबह 10 बजे के करीब रेलवे पार्सल में नियम लागू किया गया कि जो भी प्राइवेट एजेंट रेलवे के पार्सल में माल बुक करवाएंगे। उसके पास उक्त कंपनी का प्रमाण पत्र होना चाहिए जिस कंपनी का वह हर बार माल बुक करवाने के लिए आएगा यानि हर रोज नया प्रमाण पत्र। यह नियम सिर्फ व्यापारियों को परेशान करने वाला बताया गया। एजेंटों के मुताबिक व्यापारी हर रोज हमें नया प्रमाण पत्र देकर अपना समय जाया नहीं करेगा। इसी आदेशों के खिलाफ एजेंटों ने बगावत शुरू कर दी। बगावत में जब एजेंट खुलकर सामने आए और कैमरे के सामने उन्होंने अपना बयान दिया तो लुधियाना रेलवे स्टेशन के कमर्शियल विभाग के अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए।
नोट: पप्पू एजेंट नाम उदाहरण के तौर पर इस्तेमाल किया गया है।