summer express,चंडीगढ़। हरियाणा में शहरों और विकास क्षेत्रों में जमीन के इस्तेमाल से जुड़े नियमों में बदलाव की तैयारी है। सरकार अब अलग-अलग जोन में कौन-कौन सी गतिविधियां की जा सकती हैं, इसकी लंबी सूची रखने के बजाय उन गतिविधियों की सूची तय करने का प्रस्ताव लाई है, जिन पर संबंधित जोन में रोक होगी। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत प्रतिबंधित गतिविधियों को छोड़कर अन्य कार्य मौजूदा नीतिगत शर्तों के अनुसार किए जा सकेंगे।
नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने इस संबंध में सार्वजनिक नोटिस जारी कर लोगों से 30 दिन के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। विभाग के अनुसार, निर्धारित अवधि में प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। विकास योजनाओं के व्याख्यात्मक नोट में मौजूदा परिशिष्ट-ए को हटाकर परिशिष्ट-बी में प्रस्तावित नई व्यवस्था को शामिल करने की तैयारी है। फिलहाल यह व्यवस्था प्रस्तावित है और 30 दिन की आपत्ति अवधि पूरी होने के बाद ही अंतिम नियम तय किए जाएंगे।
प्रस्ताव के अनुसार आवासीय क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों और औद्योगिक कॉलोनियों के अलावा कचरे से बिजली बनाने वाले संयंत्र, रीसाइक्लिंग यूनिट, आईटी और साइबर पार्क, डाटा सेंटर, बड़े गोदाम, लॉजिस्टिक्स पार्क, कंटेनर डिपो, थोक कारोबार और ट्रांसपोर्ट नगर जैसी गतिविधियों पर रोक होगी। इसके अलावा एयरपोर्ट, रेलवे यार्ड, बस अड्डे, ट्रक पार्किंग, सीवेज और कचरा प्रबंधन संयंत्र, श्मशान-कब्रिस्तान, बूचड़खाने, डेयरी-पोल्ट्री फार्म, खनन, पत्थर क्रशिंग और खतरनाक कारोबार भी प्रतिबंधित गतिविधियों में शामिल किए गए हैं।
व्यावसायिक क्षेत्रों में भी औद्योगिक इकाइयों और औद्योगिक कॉलोनियों के साथ कचरा एवं सीवेज संयंत्र, आईटी पार्क, डाटा सेंटर, बड़े लॉजिस्टिक्स पार्क, कंटेनर डिपो, गैस प्रतिष्ठान, बूचड़खाने, टेनरी, खनन तथा डेयरी-पोल्ट्री गतिविधियों को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव है।
औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी अलग प्रतिबंध तय किए गए हैं। यहां आवासीय और व्यावसायिक कॉलोनियों, शिक्षण संस्थानों तथा कृषि, बागवानी और डेयरी-पोल्ट्री गतिविधियों पर रोक प्रस्तावित है। वहीं परिवहन एवं संचार क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक कॉलोनियों के साथ रेड श्रेणी के उद्योग, कचरे से बिजली बनाने वाले संयंत्र, रीसाइक्लिंग यूनिट, आईटी पार्क, संस्थागत उपयोग तथा कृषि और डेयरी गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी।
सार्वजनिक-अर्द्धसार्वजनिक क्षेत्रों में उद्योग, आवासीय और व्यावसायिक कॉलोनियां, बड़े गोदाम एवं लॉजिस्टिक्स पार्क, थोक कारोबार, ट्रांसपोर्ट नगर, कचरा प्रबंधन संयंत्र, गैस प्रतिष्ठान, बूचड़खाने तथा कृषि और डेयरी गतिविधियों को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
पब्लिक यूटिलिटी जोन में होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थान, क्लब, बैंक्वेट हॉल, उद्योग, गैरेज, आईटी पार्क, डाटा सेंटर, गोदाम और लॉजिस्टिक्स पार्क समेत कई गतिविधियों पर रोक प्रस्तावित है। खुले क्षेत्रों में पार्क, ग्रीन बेल्ट, जल निकाय और खेल गतिविधियों को छोड़कर अधिकांश अन्य उपयोग प्रतिबंधित रखने का प्रस्ताव है।
कृषि क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक कॉलोनियों, रेड श्रेणी के उद्योगों तथा डाटा सेंटर समेत कुछ आईटी गतिविधियों को प्रतिबंधित किया जाएगा। प्राकृतिक संरक्षण और विशेष क्षेत्रों में विकास योजना के तहत अनुमत गतिविधियों के अलावा अन्य उपयोग पर रोक प्रस्तावित है।
प्रस्तावित व्यवस्था में नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक को जनहित में सूची में शामिल नहीं की गई किसी अन्य गतिविधि पर भी रोक लगाने का अधिकार देने की बात कही गई है। साथ ही सरकार को संबंधित कानून के तहत आवश्यकता पड़ने पर प्रतिबंधित गतिविधियों में छूट देने का अधिकार भी प्रस्तावित है। अंतिम नियम लोगों से प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर विचार के बाद तय किए जाएंगे।