summer express,अंबाला, अंकुर कपूर। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने अंबाला छावनी के सिविल अस्पताल के विस्तार के लिए अस्पताल से सटी सेना की जमीन उपलब्ध कराने की मांग को लेकर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से नई दिल्ली में मुलाकात की। विज ने कहा कि अस्पताल के विस्तार के लिए अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता है और इस संबंध में उन्होंने रक्षा मंत्री के सामने पूरी स्थिति रखी है। राजनाथ सिंह की ओर से उन्हें सकारात्मक आश्वासन मिलने की बात विज ने कही। इसकी पुष्टि हाल की रिपोर्टों में भी हुई है।
अंबाला पहुंचने पर पत्रकारों से बातचीत में अनिल विज ने कहा कि जब अंबाला छावनी की स्थापना हुई थी, उस समय यहां की आबादी करीब 30 से 40 हजार थी। अब छावनी क्षेत्र की आबादी बढ़कर करीब तीन से चार लाख तक पहुंच गई है। उस समय सिविल अस्पताल के लिए जितनी जमीन निर्धारित की गई थी, वह मौजूदा जरूरतों के लिहाज से अब कम पड़ रही है। इसी वजह से अस्पताल की सुविधाओं और भवन का विस्तार करने के लिए अतिरिक्त जमीन की जरूरत है।
विज ने कहा कि अंबाला छावनी में सिविल अस्पताल को पहले भी विस्तार देकर आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ा गया है। उनके अनुसार अस्पताल को मिनी पीजीआई के रूप में विकसित किया गया और कैंसर अस्पताल की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जहां दूर-दराज से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अब आने वाले समय में कुछ और स्वास्थ्य परियोजनाओं को साकार करने की तैयारी है, लेकिन इनके लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने बताया कि कैंसर अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए धर्मशाला बनाने की योजना भी है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसके लिए करीब 10 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। इसके अलावा अंबाला छावनी में स्पाइन इंजरी सेंटर स्थापित करने की योजना को भी मंजूरी मिली है। विज के अनुसार, हरियाणा में इस तरह का सेंटर अभी कहीं और नहीं है, लेकिन इसके निर्माण के लिए भी जमीन की जरूरत है। अस्पताल के विस्तार और प्रस्तावित परियोजनाओं को देखते हुए सेना की जमीन उपलब्ध कराने का मुद्दा रक्षा मंत्री के सामने रखा गया है।
अनिल विज ने कहा कि सेना की जमीन हासिल करने की प्रक्रिया सामान्य जमीन हस्तांतरण की तुलना में काफी जटिल होती है। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि अब अधिकारियों को सेना की जमीन से संबंधित जरूरी दस्तावेज तैयार कर संबंधित अधिकारियों के साथ पत्राचार करने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
विज ने कहा कि पहले भी राजनाथ सिंह की ओर से अंबाला के लिए सेना की जमीन उपलब्ध कराई गई थी। उनका कहना है कि अस्पताल की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए इस बार भी केंद्र से सहयोग मिलने की उम्मीद है।
इसी दौरान दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर भी अनिल विज ने विपक्ष पर निशाना साधा। हाल के दिनों में विपक्षी दलों और अन्य समूहों ने चुनाव आयोग तथा मतदाता सूची में बदलाव को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज किए हैं।
अनिल विज ने विपक्ष के विरोध को लेकर कहा कि वह ऐसे मुद्दों को तूल दे रहा है, जिन्हें वह गैरजरूरी मानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष मतदाता सूची को लेकर सवाल उठा रहा है। विज ने कहा कि यदि एक ही मतदाता सूची के आधार पर भाजपा चुनाव जीतती है तो विपक्ष उसे गलत बताता है, जबकि उसी सूची के आधार पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी चुनाव जीतते हैं तो उसे सही माना जाता है।
विज ने कहा कि यदि विपक्ष को मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया पर इतना ही अविश्वास है तो जिन नेताओं को इस सूची पर आपत्ति है, उन्हें अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकास और कामकाज की राजनीति का हवाला देते हुए कहा कि विपक्ष अपनी राजनीति के कारण पिछड़ गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज का बचाव करते हुए विज ने हाल में भी कहा था कि मतदाता सूची में ऐसे नामों को हटाना निर्वाचन प्रक्रिया का हिस्सा है, जो नियमों के तहत मतदाता बनने के पात्र नहीं हैं।