summer express,सिरसा। नई अनाजमंडी स्थित किसान विश्राम गृह में बुधवार को डीएपी खाद के टोकन लेने के लिए बड़ी संख्या में किसान पहुंचे, लेकिन टोकन वितरण शुरू होने के बाद जल्द ही खत्म होने की बात कहकर कर्मचारी चले गए। सुबह से इंतजार कर रहे किसानों को टोकन नहीं मिलने पर उनका गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मौके पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
टोकन वितरण का काम कृषि विभाग के अधिकारियों की देखरेख में किया जा रहा था। किसानों का कहना था कि वे सुबह से मंडी में पहुंचकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्हें डीएपी के लिए टोकन नहीं मिल सके। टोकन खत्म होने की जानकारी मिलने के बाद किसान आक्रोशित हो गए और उन्होंने अपनी नाराजगी जतानी शुरू कर दी।
मामले की सूचना मिलने पर कृषि विभाग के अधिकारी गाड़ी से मौके पर पहुंचे। किसानों ने अधिकारियों की गाड़ी को घेर लिया और उसके आगे बैठ गए। करीब 10 से 15 मिनट तक किसान गाड़ी के सामने बैठे रहे और अधिकारियों को आगे नहीं जाने दिया। इसके बाद अधिकारी वहां से वापस लौट गए।
किसानों के विरोध की जानकारी मिलने पर भारतीय किसान एकता के प्रदेशाध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्या जानी। फिलहाल किसान डीएपी के टोकन नहीं मिलने को लेकर अपना विरोध जारी रखे हुए हैं।
गौरतलब है कि सिरसा जिले में डीएपी की उपलब्धता को लेकर किसानों की परेशानी लगातार सामने आ रही है। पिछले एक सप्ताह में डीएपी नहीं मिलने के विरोध में किसानों ने डबवाली रोड को दो बार जाम किया है। इसके अलावा चोपटा में भी किसानों ने चोपटा-भादरा मार्ग पर जाम लगाया था। डीएपी की कमी के कारण सरसों की बिजाई करने वाले किसानों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि जिले में डीएपी की कमी नहीं है और अगले एक सप्ताह में दो से तीन रैक खाद पहुंचने की संभावना है। अधिकारियों ने किसानों से धैर्य रखने की अपील की है। गेहूं की बिजाई के लिए अभी करीब एक महीने का समय बाकी है, जबकि फिलहाल उपलब्ध डीएपी का स्टॉक सरसों की बिजाई करने वाले किसानों के लिए जारी किया जा रहा है।