summer express ,चंडीगढ़। हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत जारी नोटिस और उनसे संबंधित सुनवाई के मामलों के समयबद्ध निपटारे को लेकर चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाई है। जिलावार समीक्षा में प्रदेश में कुल 44,91,923 नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से 3,43,127 मामलों में अभी सुनवाई लंबित है। लंबित मामलों की हिस्सेदारी 7.64 प्रतिशत है।
आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को लंबित सुनवाई मामलों का जल्द निपटारा करने के साथ उनकी प्रभावी निगरानी और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आयोग की ओर से लंबित मामलों की नियमित समीक्षा भी की जा रही है, ताकि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया तय समय में पूरी हो सके।
नोटिस से जुड़े मामलों की सुनवाई पूरी करने के लिए 7 से 9 अक्तूबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान उन मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां नोटिस मिलने के बावजूद संबंधित मतदाताओं ने अभी तक आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं कराए हैं। इसके साथ ही घर-घर सर्वे के दौरान भी मतदाताओं से जरूरी दस्तावेज प्राप्त किए जाएंगे।
मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेश के 20,864 मतदान केंद्रों पर विभिन्न राजनीतिक दलों ने बूथ लेवल एजेंट-2 (बीएलए-2) नियुक्त किए हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी ने 19,554, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 17,127, इंडियन नेशनल लोकदल ने 2,186 और जननायक जनता पार्टी ने 1,093 बीएलए-2 नियुक्त किए हैं।
इसके अलावा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) ने 314, बहुजन समाज पार्टी ने 146 और आम आदमी पार्टी ने 54 बीएलए-2 नियुक्त किए हैं। आयोग के अनुसार, इन प्रतिनिधियों की मौजूदगी से पुनरीक्षण प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी बढ़ेगी और मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने में मदद मिलेगी।