summer express,शिमला (संजू)। ग्राम पंचायत देवठी की अनुराधा ने नौकरी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और दो छोटे बच्चों की देखभाल के बीच मेहनत और लगन के दम पर सफलता हासिल की है। करीब 10 वर्षों तक केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में सेवाएं देने के बाद अब उनका चयन शिक्षा विभाग में हिंदी विषय की लेक्चरर के पद पर हुआ है। भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से चयनित होने के बाद अनुराधा ने 7 अक्तूबर 2026 को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शाननाहट्टी में हिंदी लेक्चरर के रूप में कार्यभार संभाला।
अनुराधा की उपलब्धि इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के साथ अपने परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियों को भी निभाया। उनकी एक बेटी करीब पांच वर्ष की है, जबकि दूसरी बच्ची अभी छह माह की है। बच्चों की देखभाल और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच समय निकालकर उन्होंने अपनी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी जारी रखी। लगातार प्रयासों के बाद उन्हें शिक्षा विभाग में लेक्चरर के पद पर चयन का अवसर मिला।
अनुराधा ने CISF में करीब एक दशक तक देशसेवा की। इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का उनका सपना बना रहा। नौकरी के साथ उन्होंने अपने लक्ष्य को पाने के लिए तैयारी जारी रखी और कठिन परिस्थितियों में भी पढ़ाई के लिए समय निकाला। उनके चयन ने यह साबित किया कि जिम्मेदारियों के बीच भी दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
अनुराधा की सफलता में उनके परिवार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। बंसी लाल आजटा और आशा देवी के साथ उनके सास-ससुर मोहन लाल सिगंय और सत्या देवी ने बच्चों की देखभाल और घरेलू जिम्मेदारियों में उनका सहयोग किया। परिवार से मिले इस समर्थन ने अनुराधा को नौकरी और तैयारी के बीच संतुलन बनाने में मदद की।
ग्राम पंचायत देवठी से जुड़ी अनुराधा की यह उपलब्धि परिवार के साथ-साथ क्षेत्र के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए उदाहरण है, जो नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। अनुराधा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवारजनों, रिश्तेदारों और सहयोग करने वाले सभी लोगों को दिया है।