summer express,हमीरपुर ,आरविंदर सिंह | नगर निगम हमीरपुर के तहत आने वाले वार्ड नंबर-15 के नेचुरल वाटर सोर्स का सौंदर्यीकरण करने के लिए दो लाख रुपए की दरकार है। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से 80 हजार रुपए एकत्रित कर इस प्राकृतिक जल स्रोत को संवारने की दिशा में काम किया है लेकिन यह पैसा पर्याप्त नहीं है। ग्रामीणों ने इस सोर्स की स्थिति को सुधारने की मन में ठान रखी है। लगभग तीन महीने पहले उपायुक्त हमीरपुर ने प्राकृतिक जल स्रोतों के जीर्णोद्धार की मुहिम चलाई थी। इस संदर्भ में ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से 80 हजार रुपए की राशि एकत्रित कर नेचुरल वाटर सोर्स की दशा सुधारने का फैसला लिया था। इस प्राकृतिक जल स्रोतों की लंबे समय से अनदेखी हो रही थी लेकिन अब यह जतना के लिए सुविधा का जरिया बन रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि शहर के वार्ड नंबर 15 में नेचुरल वाटर सोर्स अपनी पहचान खोता जा रहा था। देखरेख के आभाव में इसकी हालत दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही थी। ऐसे में लग रहा था कि किसी दिन यह सोर्स अपनी पहचान पूरी तरह से खो देगा। कुछ महीने पहले प्रशासन की तरफ से प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण करने के लिए मुहिम चलाई गई। उपायुक्त हमीरपुर में लोगों से आह्वान भी किया था कि प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण करें ताकि इनका इस्तेमाल हो सके। उपायुक्त की अपील के बाद वार्ड नंबर 15 के ग्रामीण एकजुट हुए तथा आपसी सहयोग से 80 हजार रुपए एकत्रित किए गए। इसके बाद इन रुपयों से प्राकृतिक जल स्रोतों के जीर्णोद्धार का काम शुरू किया गया। लोगों ने इस कार्य में श्रमदान किया है। हालांकि यह राशि काफी नहीं थी तथा दो लाख की और आवश्यकता है। लोगों के अनुसार यह एस्टीमेट नगर निगम के जेई के माध्यम से बनवाया गया है।
बाइट ग्रामीण
ग्रामीणों की माने तो उपायुक्त से मिलने के बाद उन्हें आश्वस्त किया गया है कि बजट उपलब्ध करवाया जाएगा। यदि ऐसा होता है कि तो नेचुरल वाटर सोर्स का सौंदर्यीकरण हो जाएगा तथा यह लोगों की सहूलियत का जरिया बनेगा।