Summer express, संजू, शिमला। विश्व डाक दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश डाक परिमंडल की ओर से 9 से 15 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह मनाया जाएगा। इस वर्ष सप्ताह की थीम ‘एक डाक नेटवर्क, अनंत संभावनाएं’ रखी गई है। इस दौरान डाक सेवाओं में तकनीक और नवाचार के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के साथ लोगों को विभाग की विभिन्न सुविधाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश डाक परिमंडल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल संजय सिंह ने शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी दी।
संजय सिंह ने बताया कि 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस मनाया जा रहा है। इसके तहत सभी डाकघरों में बैनर और डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। राष्ट्रीय डाक सप्ताह के दौरान अलग-अलग विषयों पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। 12 अक्टूबर को फिलाटेली दिवस, 13 अक्टूबर को वित्तीय समावेशन एवं नागरिक-केंद्रित सेवाएं दिवस और 14 अक्टूबर को डाक एवं पार्सल दिवस मनाया जाएगा। वहीं, 15 अक्टूबर को प्रौद्योगिकी एवं नवाचार दिवस के अवसर पर कर्मचारियों और ग्राहकों के लिए तकनीक से संबंधित क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित करने के साथ ड्रोन डिलीवरी पर चर्चा की जाएगी।
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश डाक परिमंडल के अंतर्गत कुल 2,797 डाकघर संचालित हैं। इनमें 18 प्रधान डाकघर, 452 उप डाकघर और 2,327 शाखा डाकघर शामिल हैं। इनमें से 2,684 डाकघर ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं। एक डाकघर औसतन 2,454 लोगों और 19.90 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करता है। इस व्यापक नेटवर्क के संचालन में 2,485 विभागीय कर्मचारी और 6,400 ग्रामीण डाक सेवक अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
संजय सिंह ने कहा कि इस वर्ष डाक विभाग की प्रमुख पहलों में ड्रोन के माध्यम से डाक पहुंचाना शामिल है। देश में हिमाचल प्रदेश और असम के डाक परिमंडलों में यह व्यवस्था लागू की गई है। हिमाचल प्रदेश में 13 अगस्त को मंडी प्रधान डाकघर से रिवालसर-धार शाखा डाकघर तक पहली ड्रोन डिलीवरी शुरू की गई थी। इस पहल से दुर्गम क्षेत्रों में डाक पहुंचाने की प्रक्रिया तेज हुई है।
उन्होंने बताया कि पहले प्रधान डाकघर से शाखा डाकघर तक डाक के बैग पहुंचाने में बस या पैदल दो से तीन घंटे लग जाते थे, जबकि ड्रोन के माध्यम से यह दूरी पांच से दस मिनट में तय की जा रही है। सुबह प्रधान डाकघर से भेजी गई डाक कुछ ही मिनटों में शाखा डाकघर पहुंच जाती है और इसके बाद एक से दो घंटे के भीतर गांवों में वितरण किया जा सकता है।
मुख्य पोस्टमास्टर जनरल के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में ड्रोन डिलीवरी के लिए अब तक 110 दुर्गम रूट चिह्नित किए गए हैं। इनमें से 36 रूट पर सेवा शुरू हो चुकी है। विभाग की ओर से इस व्यवस्था का लगातार विस्तार किया जा रहा है, ताकि पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक डाक सेवाएं तेजी से पहुंचाई जा सकें।