दलजीत विक्की |लुधियाना
समर न्यूज
यूनाइटेड साइकिल एंड पार्ट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने मिक्स्ड लैंड यूज को स्थायी रूप से नियमित करने की मांग को लेकर पंजाब सरकार के समक्ष अपना पक्ष रखा है। एसोसिएशन के प्रधान हरसिमरजीत सिंह लकी ने बताया कि उन्होंने स्वयं पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा से मुलाकात कर एसोसिएशन की प्रमुख मांगें रखीं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से फिलहाल एक वर्ष की एक्सटेंशन दिए जाने से उद्योगों को अस्थायी राहत मिली है, लेकिन एसोसिएशन की वास्तविक मांग मिक्स्ड लैंड यूज का स्थायी नियमितीकरण है। हरसिमरजीत सिंह लकी के अनुसार, मंत्री के समक्ष केवल मिक्स्ड लैंड यूज का मुद्दा ही नहीं, बल्कि छोटे एवं मध्यम उद्योगों से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण विषय भी उठाए गए। इनमें नियमित और नए एमएसएमई फोकल प्वाइंट स्थापित करने, उद्योगों को बिजली सब्सिडी देने तथा रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) सेंटरों को अपग्रेड करने की मांग शामिल है। एसोसिएशन का मानना है कि इन कदमों से छोटे उद्योगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं और औद्योगिक विकास को गति मिल सकती है।
{एक साल की एक्सटेंशन स्थायी समाधान नहीं: एसोसिएशन प्रधान ने कहा कि सरकार द्वारा एक वर्ष की एक्सटेंशन दिया जाना फिलहाल अंतरिम राहत है। इसे मिक्स्ड लैंड यूज की स्थायी मंजूरी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उद्योगों को दीर्घकालिक राहत और नीतिगत स्पष्टता तभी मिलेगी, जब इस व्यवस्था को स्थायी रूप से नियमित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन अपनी मूल मांग से पीछे नहीं हटेगी और स्थायी समाधान मिलने तक सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाती रहेगी।
{छोटे उद्योगों के साथ खड़ी है एसोसिएशन: एसोसिएशन की भूमिका पर सवाल उठाने वालों को जवाब देते हुए हरसिमरजीत सिंह लकी ने कहा कि संगठन छोटे उद्योगों के हितों की रक्षा के लिए गंभीरता से काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि वह स्वयं उद्योग मंत्री के कार्यालय में एसोसिएशन की मांगों के साथ पहुंचे थे और स्पष्ट रूप से अपना पक्ष रखा था। उनके अनुसार, संगठन की प्राथमिकता केवल अस्थायी राहत हासिल करना नहीं, बल्कि उद्योगों की समस्याओं का स्थायी समाधान करवाना है।
{स्थायी समाधान तक जारी रहेगा संघर्ष: हरसिमरजीत सिंह लकी ने एसोसिएशन के सदस्यों को आश्वासन दिया कि उनके हितों की रक्षा के लिए प्रयास लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि मिक्स्ड लैंड यूज के स्थायी नियमितीकरण की मांग पूरी होने तक एसोसिएशन अपना संघर्ष जारी रखेगी।