Summer express, अंकुर कपूर , अंबाला। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन में विपक्षी दलों की भागीदारी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विपक्ष पर विदेशी ताकतों के हाथों में खेलने और देश की शांति भंग करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। विज ने कहा कि कुछ लोग कानून और संविधान का पालन नहीं करते तथा गैरजरूरी मुद्दों को उठाकर माहौल खराब करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि हर किसी को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए निर्धारित नियमों का पालन करना भी जरूरी है।
अनिल विज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शन को लेकर नियम निर्धारित किए हुए हैं और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वालों को भी इनका पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन अधिकारों के साथ नियमों और कानूनों का सम्मान करना भी आवश्यक है। विज के अनुसार, विपक्षी दल ऐसे मुद्दों को तूल दे रहे हैं, जिनसे समाज में अनावश्यक विवाद पैदा होता है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए विज ने कहा कि जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है। उन्होंने हालिया उपचुनावों का जिक्र करते हुए दावा किया कि कांग्रेस को शोर-शराबे के बावजूद कहीं भी एक सीट तक नहीं मिली। विज ने कहा कि जनता विपक्ष की राजनीति को समझती है और इस तरह के प्रदर्शनों को तमाशे के रूप में देख रही है।
नोएडा एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव की टिप्पणी पर भी अनिल विज ने पलटवार किया। अखिलेश यादव ने कहा था कि कुर्सी जाने वाली है, इसलिए प्रधानमंत्री अपनी निशानी छोड़कर जाना चाहते हैं। इस पर विज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाया है और आज दुनिया में भारत की पहचान मजबूत हुई है।
विज ने कहा कि पहले भारत को कमजोर और दब्बू देश के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के मामले में सख्त रुख अपनाता है। उन्होंने दावा किया कि आज देश हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी स्थिति पहले से मजबूत हुई है।
अनिल विज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। ऐसे में उनके नाम पर एयरपोर्ट का नाम रखने में कोई बुराई नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग स्थानों पर प्रधानमंत्री मोदी के नाम से संस्थानों और सुविधाओं का नामकरण किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को उनसे प्रेरणा मिल सके।