Summer express, भूपेंद्र ठाकुर, सोलन। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने समाज के लोगों से महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को अपनाने और आर्थिक समृद्धि को समाज सेवा, करुणा तथा सामूहिक उत्तरदायित्व से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और उनके सिद्धांत समाज में सहयोग, सद्भाव तथा जनकल्याण की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं।
राज्यपाल रविवार को सोलन में अग्रवाल सभा की ओर से आयोजित महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति केवल आर्थिक संपन्नता से नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता, आपसी सहयोग और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता से भी निर्धारित होती है।
कविन्द्र गुप्ता ने महाराजा अग्रसेन के ‘एक ईंट, एक रुपया’ सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सामूहिक सहयोग और जरूरतमंदों की सहायता का प्रतीक है। इस सिद्धांत के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुरूप दूसरों की मदद कर सकता है। आज भी जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा में सहयोग, गरीबों के इलाज में सहायता, युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना तथा जरूरतमंद परिवारों की मदद करना इसी भावना के उदाहरण हैं।
राज्यपाल ने अग्रवाल सभा, सोलन की ओर से पिछले लगभग 80 वर्षों से शिक्षा, सामाजिक कल्याण, धार्मिक गतिविधियों और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने विभिन्न समुदायों के लोगों को साझा मंच पर लाकर सामाजिक सद्भाव बढ़ाने के प्रयासों को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय की वास्तविक पहचान समाज के समग्र कल्याण में उसके योगदान से बनती है।
युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए राज्यपाल ने कहा कि उन्हें आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। युवाओं को केवल नौकरी तलाशने तक सीमित रहने के बजाय रोजगार सृजन करने, उद्यमिता को बढ़ावा देने, नए विचारों पर काम करने और सामाजिक समस्याओं के समाधान में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
उन्होंने अग्रवाल सभा से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, कौशल विकास, युवा मार्गदर्शन, महिला सशक्तिकरण और जरूरतमंद वर्गों की सहायता से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन जयंती केवल एक महान व्यक्तित्व को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि अपने सामाजिक दायित्वों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराने का भी दिन है।
राज्यपाल ने लोगों से तीन संकल्प लेने का आह्वान किया। इनमें समृद्धि के साथ सेवा, सफलता के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व तथा व्यक्तिगत और सामुदायिक पहचान के साथ सामाजिक सद्भाव बनाए रखना शामिल है। उन्होंने विश्वास जताया कि अग्रवाल सभा भविष्य में भी सोलन और हिमाचल प्रदेश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती रहेगी।
इससे पहले राज्यपाल ने सोलन बाजार में स्थापित महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। समारोह के दौरान उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।
पूर्व मंत्री डॉ. राजीव बिंदल ने राज्यपाल का स्वागत किया और अग्रवाल समुदाय की ओर से समाज कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। अग्रवाल सभा, सोलन के अध्यक्ष दिनेश गर्ग ने राज्यपाल को सम्मानित किया और सभा की विभिन्न सामाजिक गतिविधियों की जानकारी दी। सभा के उपाध्यक्ष सतीश बंसल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर सोलन के पुलिस अधीक्षक टी. साई दत्तात्रेयवर्मा, अग्रवाल सभा के पदाधिकारी, सदस्य तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।