Summer express, राकेश, ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अर्नियाला गांव में प्रसव के दौरान गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की मौत के मामले पर पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र कंवर ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को बेहद पीड़ादायक और चिंताजनक बताते हुए प्रदेश सरकार से स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों को दूर करने, अस्पतालों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी पूरी करने और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत बनाने की मांग की है।
वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्रसव के दौरान मां और नवजात की मृत्यु की घटना ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यह पीड़ित परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। दुख की इस घड़ी में उनकी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद जांच के आदेश देना और संबंधित चिकित्सक को निलंबित करना प्रशासनिक कार्रवाई का हिस्सा हो सकता है, लेकिन केवल जांच और निलंबन से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। जरूरी है कि घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
कंवर ने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी है। कई स्वास्थ्य संस्थानों में सीमित स्टाफ पर बड़ी आबादी के उपचार की जिम्मेदारी है। ऐसे में अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टरों, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारियों, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और बेहतर आपातकालीन सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। इन कमियों को दूर किए बिना लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना मुश्किल है।
उन्होंने कहा कि कई बार किसी घटना के बाद जनता के आक्रोश और दबाव में प्रशासनिक कार्रवाई होती दिखाई देती है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जरूरी है, लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था में ऐसी जवाबदेही और कार्यप्रणाली विकसित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जिससे कमियों की समय रहते पहचान हो सके और लोगों को समय पर उचित उपचार मिल सके।
पूर्व मंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी राजनीतिक दल की हो, जनता के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा के प्रति उसकी जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ अस्पतालों में प्रसव सेवाओं, आपातकालीन व्यवस्थाओं, स्टाफ की उपलब्धता और उपचार की गुणवत्ता की व्यापक समीक्षा करने का आग्रह किया।
कंवर ने मांग की कि प्रदेश के अस्पतालों में चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के रिक्त पदों को जल्द भरा जाए तथा स्वास्थ्य संस्थानों की व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए समयबद्ध कदम उठाए जाएं, ताकि प्रत्येक नागरिक को समय पर बेहतर उपचार मिल सके और भविष्य में ऐसी हृदयविदारक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।