Summer express, लुधियाना। वेतन में कटौती के विरोध में सेवा केंद्र कर्मचारियों ने सोमवार को कलम छोड़ हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सेवा केंद्रों में सरकारी सेवाओं से जुड़े कामकाज प्रभावित हो गए हैं। जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों से संबंधित काम करवाने पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग बिना काम करवाए वापस लौट गए, जबकि कुछ हड़ताल खत्म होने की उम्मीद में केंद्रों पर इंतजार करते रहे।
हड़ताल शुरू करने से पहले कर्मचारियों ने भारत नगर चौक से उपायुक्त कार्यालय स्थित सेवा केंद्र तक रोष रैली निकाली। इस दौरान कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वेतन कटौती वापस लेने की मांग की। रैली के बाद कर्मचारी सेवा केंद्र परिसर में धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ विरोध जताते हुए उनका पुतला जलाने की भी घोषणा की।
सेवा केंद्र कर्मचारी यूनियन के नेता सतनाम सिंह ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के वेतन में तीन से चार हजार रुपये तक की कटौती की गई है। उनके अनुसार, पहले कई कर्मचारियों को प्रतिमाह करीब 10 हजार रुपये वेतन मिलता था, लेकिन अब कुछ कर्मचारियों को केवल छह हजार रुपये, जबकि कई अन्य को 9,500 रुपये या इससे भी कम वेतन दिया जा रहा है। यूनियन का कहना है कि वेतन में इस तरह की कटौती से कर्मचारियों के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई हैं।
यूनियन नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों और संबंधित कंपनियों के बीच वेतन को लेकर पहले सहमति बनी थी, लेकिन अब उसका पालन नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों ने मांग की कि वेतन में की गई कटौती को तत्काल वापस लिया जाए और पहले से तय सहमति के अनुसार पूरा वेतन दिया जाए। उनका कहना है कि वेतन में कमी करने से कर्मचारियों के मनोबल पर असर पड़ रहा है और उनके लिए घरेलू खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन कलम छोड़ हड़ताल में बदल दिया जाएगा। उनका कहना है कि जब तक वेतन कटौती का मुद्दा हल नहीं होता, तब तक विरोध जारी रखने पर विचार किया जाएगा।
हड़ताल का असर सेवा केंद्रों पर पहुंचने वाले लोगों पर भी दिखाई दिया। जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों से जुड़े काम नहीं हो सके। जरूरी सेवाओं के लिए पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। कुछ लोग इस उम्मीद में केंद्रों के बाहर इंतजार करते रहे कि कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो जाएगी और उनका काम हो सकेगा।
जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों की आगे की रणनीति तय करने के लिए सोमवार शाम को बैठक होनी है। बैठक में मांगों और सरकार की ओर से मिलने वाली प्रतिक्रिया पर चर्चा के बाद आंदोलन को लेकर अगला फैसला लिया जा सकता है। फिलहाल कर्मचारियों ने हड़ताल जारी रखने का रुख अपनाया हुआ है, जिससे सेवा केंद्रों का कामकाज प्रभावित बना हुआ है।