Summer express/ऊना, राकेश-: क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में अरनियाला निवासी रीना और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत के मामले में हिमाचल मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन (एचएमओए) ऊना ने चुप्पी तोड़ते हुए डा. प्रियंका शर्मा का निलंबन वापस लेने की मांग की है। एसोसिएशन ने मामले की निष्पक्ष जांच करवाने, चिकित्सकों को सुरक्षा देने और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संजीव वर्मा के साथ कथित दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई है। निजी अस्पतालों की इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ऊना ने भी इन मांगों का समर्थन किया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. महेश्वर राय ने रक्कड़ स्थित एक निजी होटल में पत्रकारवार्ता के दौरान कहा कि डा. प्रियंका शर्मा का निलंबन जल्दबाजी में लिया गया एकतरफा फैसला है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच पूरी होने से पहले किसी चिकित्सक को दोषी ठहराना उचित नहीं है।डा. राय के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे रीना के स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण संकेत सामान्य थे। करीब साढ़े नौ बजे गर्भस्थ शिशु की धड़कन नहीं मिलने की स्थिति सामने आई। इसके बाद अल्ट्रासाउंड और आवश्यक उपचार की तैयारी की गई, लेकिन इसी दौरान महिला की हालत अचानक बिगड़ गई। चिकित्सकों ने सीपीआर देकर उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद अस्पताल में भीड़ ने हंगामा किया और चिकित्सकों को धमकियां दीं। कुछ लोग पेट्रोल लेकर अस्पताल पहुंचे थे। उनका कहना था कि यदि चिकित्सक खिड़की से बाहर निकलकर अपनी जान नहीं बचाते, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
एसोसिएशन ने सीएमओ के साथ कथित दुर्व्यवहार करने वालों पर कार्रवाई और अस्पतालों में चिकित्सकों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की। साथ ही कहा कि मरीज की मौत दुखद है, लेकिन घटना की जिम्मेदारी तय करने के लिए सभी चिकित्सकीय रिकॉर्ड और साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।