Summer express, विजयवाड़ा। बेंगलुरु के एक पब में हुए विवाद और पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में आंध्र प्रदेश सरकार ने आईएएस अधिकारी विकास मरमत के खिलाफ कार्रवाई की है। कुप्पम एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (KADA) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पद पर तैनात विकास मरमत का तबादला कर दिया गया है। उन्हें आगे की तैनाती के लिए बुधवार को सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह मामला 10 अक्टूबर की रात करीब 1:30 बजे बेंगलुरु के रेजिडेंसी रोड स्थित कैवोर (Cavore) बार एवं रेस्तरां में हुई घटना से जुड़ा है। इस मामले में कब्बन पार्क पुलिस ने 2019 बैच के आईएएस अधिकारी विकास मरमत और उनके तीन साथियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। अन्य आरोपियों में रियल एस्टेट कारोबारी अभय उदय सिंह, बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग चलाने वाले नीतीश और बाउंसर रोशन शामिल हैं। इन सभी पर पुलिस इंस्पेक्टर अरुण सालुंके सहित पुलिस टीम के साथ दुर्व्यवहार करने और उन पर हमला करने की कोशिश करने के आरोप हैं।
पुलिस ने विकास मरमत को मामले में मुख्य आरोपी बनाया है, जबकि उनके साथियों को सह-आरोपी के रूप में नामजद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, घटना के अगले दिन सुबह मरमत और अन्य लोगों ने अपने व्यवहार के लिए माफी भी मांगी थी।
जानकारी के अनुसार, घटना के समय सेंट्रल क्राइम ब्रांच की एक टीम बार और रेस्तरां में नाबालिगों के शराब पीने तथा पार्टी करने से जुड़े मामलों की जांच कर रही थी। इंस्पेक्टर अरुण सालुंके के नेतृत्व में टीम जब कैवोर पहुंची, तो जांच के दौरान एक पुलिस अधिकारी ने वहां मौजूद कुछ युवतियों से उनकी उम्र की पुष्टि के लिए दस्तावेज दिखाने को कहा। आरोप है कि इस पर विकास मरमत और अभय उदय सिंह नाराज हो गए और पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करने लगे। इसी दौरान पुलिस टीम के साथ मारपीट की कोशिश किए जाने का आरोप भी सामने आया है।
मंगलवार सुबह घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और गंभीर हो गया। वीडियो सामने आने के बाद आंध्र प्रदेश सरकार पर आईएएस अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया। इसकी एक वजह यह भी थी कि विकास मरमत कुप्पम एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी में महत्वपूर्ण पद पर तैनात थे। कुप्पम मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू का विधानसभा क्षेत्र है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने मुख्य सचिव को घटना की विस्तृत जांच करने और 13 अक्टूबर तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने विकास मरमत के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और उनका तबादला कर दिया। अब उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग में रिपोर्ट करने को कहा गया है, जहां से उनकी अगली तैनाती के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।