लक्की मेहता |लुधियाना
समर न्यूज
निगम के जनरल हाउस में वार्ड की सफाई का मुद्दा उठाने को लेकर आम आदमी पार्टी की पार्षद निधि गुप्ता और चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर (सीएसआई) नीशु घई के बीच हुआ विवाद मंगलवार को मेयर कैंप हाउस में हुई बैठक में सुलझ गया। बैठक में वार्ड की सफाई संबंधी समस्याओं पर चर्चा हुई।
निधि गुप्ता के अनुसार, नीशु घई ने अपनी गलती स्वीकार की और समस्याओं के जल्द समाधान का भरोसा दिया। वहीं, विवाद के बीच आम आदमी पार्टी की ओर से निधि गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने से राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है।
{जनरल हाउस में सफाई के मुद्दे पर हुई थी बहस…
सोमवार को नगर निगम के जनरल हाउस की बैठक के दौरान वार्ड की सफाई का मुद्दा उठाने पर निधि गुप्ता और सीएसआई नीशु घई के बीच बहस हो गई थी। इसके बाद कर्मचारी पक्ष की ओर से अश्वनी सहोता, विजय दानव और नीशु घई ने आरोप लगाया कि बैठक में अधिकारियों के साथ अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया गया और तू-तड़ाक की गई। उनका कहना था कि कर्मचारी सरकार से वेतन लेकर अपनी ड्यूटी करते हैं, इसलिए अधिकारियों और कर्मचारियों के मान-सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने लिखित शिकायत देने की बात भी कही।
{पहले कैंप हाउस जाने से किया था इन्कार
विवाद के बाद निधि गुप्ता ने शुरुआत में मेयर कैंप हाउस जाने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि मेयर और निगम कमिश्नर को जोन-डी में आकर वार्ड की समस्याएं सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह अपने लिए नहीं, बल्कि वार्ड के लोगों के लिए आवाज उठा रही हैं। यदि वार्ड में सफाई नहीं होगी तो वह जनरल हाउस में यह मुद्दा उठाती रहेंगी। उनका आरोप था कि कर्मचारियों को सफाई संबंधी सवालों का जवाब देना चाहिए था, लेकिन वे जवाब देने के बजाय बैठक छोड़कर चले गए। पार्षद गौरव भट्टी भी उनके समर्थन में जोन-डी पहुंचे। बाद में निधि गुप्ता दोपहर करीब एक बजे के बाद मेयर कैंप हाउस की बैठक में शामिल हुईं। निधि गुप्ता के अनुसार, बैठक में मेयर इंदरजीत कौर, निगम कमिश्नर ओजस्वी अलंकार, सीएसआई नीशु घई, विजय दानव, अश्वनी सहोता, जोनल कमिश्नर जसदेव सिंह सेखों और अमनदीप सिंह सहित अन्य अधिकारी व पार्षद मौजूद रहे। बैठक में वार्ड की सफाई से जुड़ी समस्याएं रखी गईं। इस दौरान नीशु घई ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए समस्याओं का जल्द समाधान करने का भरोसा दिया।