जगदीश लाल | बंगा
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बंगा (आरक्षित) सीट पर कांग्रेस की टिकट के लिए दावेदारी तेज होने लगी है। कांग्रेस के दिवंगत विधायक चौधरी तरलोचन सिंह सूंड की पत्नी मीना सिंह सूंड ने भी अपनी दावेदारी पेश की है। उनका कहना है कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से कांग्रेस से जुड़ा है और बंगा के लोगों के साथ उनका पारिवारिक रिश्ता है।
यदि पार्टी उन्हें मौका देती है तो वह क्षेत्र के विकास और लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए काम करेंगी। मीना सिंह सूंड के अनुसार, उनके ससुर चौधरी जगत राम सूंड ने 1957 से बंगा में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए काम किया। उन्होंने आठ बार विधानसभा चुनाव लड़ा और पांच बार विधायक बने। वह पंजाब सरकार में मंत्री भी रहे। आतंकवाद के दौर में 4 जनवरी 1988 को पंजाब कांग्रेस के उपाध्यक्ष रहते हुए वह तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बेअंत सिंह के नेतृत्व में निकाली जा रही पंजाब सद्भावना यात्रा के दौरान फगवाड़ा में आतंकवादियों की गोलियों का शिकार हुए। उन्होंने पंजाब के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
मीना सिंह सूंड ने कहा कि उनके पति चौधरी तरलोचन सिंह सूंड ने भी कांग्रेस के साथ जुड़कर क्षेत्र की सेवा की। उन्होंने अपनी आईएफएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रखा और तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) के रूप में काम किया। वर्ष 2002 में वह पहली बार विधायक बने। उनके कार्यकाल में बंगा में बस टर्मिनल, अनाज मंडी, जलापूर्ति उपचार संयंत्र और नगर परिषद कार्यालय का निर्माण हुआ। इसके अलावा गांवों में जलघर बनाए गए और सड़कों का निर्माण कराया गया। तरलोचन सिंह सूंड ने अपने राजनीतिक जीवन में विकास को प्राथमिकता दी। मीना सिंह सूंड ने कहा कि वह अपने पति के अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना चाहती हैं और लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
{कांग्रेस की स्थिति पर भरोसा: बंगा में कांग्रेस की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर मीना सिंह सूंड ने कहा कि पार्टी क्षेत्र में मजबूत है। उन्होंने कहा कि उन्होंने बंगा को समय के साथ बदलते देखा है। उनके पति की दूरदर्शिता से क्षेत्र में विकास की दिशा में काम हुआ। उनके अनुसार, बंगा में कांग्रेस के भीतर गुटबाजी नहीं है और नई पीढ़ी भी पार्टी से जुड़ रही है। उन्हें उम्मीद है कि पार्टी नेतृत्व उनकी दावेदारी पर विचार करेगा। कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह की नीतियों के बारे में मीना सिंह सूंड ने कहा कि वह अनुभवी और धर्मनिरपेक्ष विचारधारा वाले नेता हैं। उनके अनुशासन और नेतृत्व से पार्टी को मजबूती मिलेगी। कांग्रेस एकजुट होकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है और उन्हें विश्वास है कि नए नेतृत्व में पार्टी को लाभ होगा।
{विकास को आगे बढ़ाने का संकल्प: बंगा के लिए अपने सपने के बारे में मीना सिंह सूंड ने कहा कि उनके पति और उनके ससुर ने क्षेत्र के विकास के लिए जो काम किए, उन्हें आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बंगा उनके लिए परिवार की तरह है और वह लोगों के सहयोग से उनकी सेवा जारी रखना चाहती हैं। लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना उनका लक्ष्य है। बंगा विधानसभा सीट से कांग्रेस टिकट के लिए कई अन्य नेता भी सक्रिय हैं। इनमें पूर्व एडीजीपी और केरल पुलिस के पूर्व अधिकारी सुदेश कुमार, कमलजीत बंगा, डॉ. बख्शीश सिंह, परमजीत सिंह और जसबीर सिंह राय के नाम शामिल हैं। इसके अलावा चौधरी सुंदर की पोती भी टिकट की दावेदार बताई जा रही हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के सामने उम्मीदवार के चयन को लेकर कई विकल्प होंगे।
{तीन पीढ़ियों का कांग्रेस से जुड़ाव: पंजाब कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग की कार्यकारी सदस्य मीना सिंह सूंड ने कहा कि उनके पति के राजनीति में आने के बाद वह भी उनके साथ कांग्रेस की गतिविधियों में सक्रिय हुईं। उनके अनुसार, उनका परिवार करीब 80 वर्षों से कांग्रेस से जुड़ा हुआ है।