Summer express, पठानकोट। पंजाब के पठानकोट जिले में करीब 500 करोड़ रुपये की पंचायत जमीन से जुड़े कथित घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तेज कर दी है। एजेंसी जमीन के कथित अवैध हस्तांतरण, नियमों के उल्लंघन और अवैध खनन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। यह मामला पंचायत की जमीन को कथित तौर पर निजी व्यक्तियों के नाम हस्तांतरित करने और इसके बाद वहां अवैध खनन किए जाने के आरोपों से जुड़ा है।
जांच के केंद्र में पठानकोट जिले के भट्टियां गांव की करीब 91.75 एकड़ पंचायत भूमि है। आरोप है कि इस जमीन को निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किए बिना निजी व्यक्तियों के नाम कर दिया गया। इसके अलावा, जमीन पर अवैध खनन किए जाने की आशंका भी जताई गई है। भूमि के कथित हस्तांतरण से सरकारी संपत्ति को हुए संभावित नुकसान और इससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।
मामले की पड़ताल के सिलसिले में ईडी की टीम ने मोहाली स्थित ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के मुख्यालय में पहुंचकर संबंधित रिकॉर्ड की जांच की। एजेंसी जमीन के स्वामित्व और हस्तांतरण से जुड़े दस्तावेजों, विभागीय प्रक्रियाओं तथा कथित अनियमितताओं से संबंधित जानकारी जुटा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि पंचायत की जमीन का हस्तांतरण किन परिस्थितियों में हुआ और क्या इस प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन किया गया।
ईडी अवैध खनन से जुड़े आरोपों की भी जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित जमीन पर खनन गतिविधियां हुई थीं या नहीं और यदि ऐसा हुआ, तो उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन तथा संभावित लाभार्थियों की क्या भूमिका रही। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
करीब 500 करोड़ रुपये की अनुमानित कीमत वाली इस पंचायत भूमि से जुड़े मामले ने सरकारी जमीन के संरक्षण और उसके हस्तांतरण की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल ईडी संबंधित दस्तावेजों और लेन-देन की पड़ताल कर रही है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही कथित घोटाले में शामिल लोगों की भूमिका और अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।