Summer express, अंकुर कपूर, अंबाला। फसल की सरकारी खरीद पर कैपिंग लगाए जाने के विरोध में अंबाला में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसानों ने अंबाला शहर की अनाज मंडी के सामने मुख्य सड़क पर जाम लगाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि सरकार ने प्रति एकड़ 26.26 क्विंटल फसल की खरीद की सीमा तय कर उनके साथ अन्याय किया है, जबकि खेतों में प्रति एकड़ 33 से 34 क्विंटल तक पैदावार हो रही है। प्रदर्शन के दौरान किसान मंडी के सामने दरियां बिछाकर सड़क पर बैठ गए। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
किसानों ने कहा कि खरीद पर लगाई गई सीमा के कारण उनकी मेहनत से तैयार हुई पूरी फसल सरकारी खरीद से बाहर रह सकती है। उनका कहना है कि जब खेतों में निर्धारित सीमा से अधिक पैदावार हो रही है, तो किसानों की पूरी फसल खरीदने में रोक क्यों लगाई जा रही है। किसानों ने सरकार से कैपिंग का फैसला वापस लेने और पूरी फसल की खरीद सुनिश्चित करने की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरजीत मोहड़ी ने कहा कि किसान पिछले करीब डेढ़ महीने से इस मुद्दे को लेकर सरकार के सामने अपनी मांग उठा रहे हैं। इस दौरान कृषि विभाग से जुड़े मंत्री और अधिकारियों के साथ बातचीत भी की गई। किसान नेता के अनुसार, मांगों के समाधान के लिए सात से आठ दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस हल नहीं निकला है। इसी कारण किसानों को सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।
अमरजीत मोहड़ी ने कहा कि फसल खरीद पर 26.26 क्विंटल की कैपिंग किसानों के हित में नहीं है। जब प्रति एकड़ 33 से 34 क्विंटल तक पैदावार हो रही है, तो पूरी उपज की खरीद पर सीमा लगाना किसानों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि खरीद की निर्धारित सीमा को खत्म किया जाए, ताकि किसानों को अपनी पूरी फसल बेचने में किसी तरह की दिक्कत न आए।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों पर अड़े रहे। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक कैपिंग का फैसला वापस नहीं लिया जाता और उनकी पूरी फसल की सरकारी खरीद सुनिश्चित नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, प्रदर्शन के चलते सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए रही। अब किसानों की मांगों पर सरकार की ओर से लिए जाने वाले फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।