Summer express/शिमला, संजू-: हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक ढांचे में बदलाव, कैबिनेट विस्तार और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट की हैं। नए जिलों के गठन पर उन्होंने कहा कि आयोग की रिपोर्ट के आधार पर जिलों से लेकर तहसीलों, एसडीएम कार्यालयों और ब्लॉक स्तर तक पुनर्गठन पर फैसला लिया जाएगा। वहीं, कैबिनेट में विस्तार और फेरबदल के लिए चार साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले का समय तय किया गया है। इसके अलावा, SIR प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री ने 2027 के विधानसभा चुनावों पर इसके संभावित प्रभाव का जिक्र किया। स्वास्थ्य क्षेत्र में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने और मेडिकल कॉलेजों को मजबूत करने की दिशा में भी सरकार ने अपनी योजनाएं सामने रखी हैं।
नए जिलों पर सरकार का रुख
हिमाचल में नए जिले बनाने की चर्चा के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जिलों के गठन का फैसला जल्दबाजी में नहीं, बल्कि आयोग की सिफारिशों के आधार पर होगा। आयोग भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक जरूरतों का आकलन करेगा। इसके बाद नए जिले बनाने या मौजूदा जिलों, तहसीलों और ब्लॉक की सीमाओं में बदलाव पर निर्णय लिया जाएगा।
चार साल पूरे होने से पहले कैबिनेट में बदलाव
कैबिनेट विस्तार और फेरबदल को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के कार्यकाल के चार साल पूरे होने से पहले इस दिशा में फैसला लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार के तीन साल, 10 महीने और 7 दिन पूरे हुए हैं। इस मुद्दे पर पार्टी हाईकमान के साथ बातचीत हो चुकी है। अब आगे की रणनीति भी आपसी चर्चा और विचार-विमर्श के बाद तय की जाएगी।
SIR पर 2027 के चुनावों का जिक्र
SIR प्रक्रिया पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका असर हिमाचल प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों में भी दिखाई दे सकता है। उनके मुताबिक, किसी विधानसभा क्षेत्र में दो से तीन हजार मतदाताओं के नाम कटने से चुनावी नतीजों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने विपक्ष की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र में गलत कार्यों के खिलाफ आवाज उठाना और जनता को जागरूक करना विपक्ष की जिम्मेदारी है।
मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी सुविधाएं
स्वास्थ्य सेवाओं पर मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की उपलब्धता करीब 70 फीसदी तक पहुंच गई है। सरकार का लक्ष्य अगले एक साल में इसे बढ़ाकर 80 से 85 फीसदी तक करना है। मेडिकल कॉलेजों के लिए 320 पीजी सीटें स्वीकृत होने से विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। आधुनिक जांच मशीनों के जरिए भी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीजीआई चंडीगढ़ या एम्स दिल्ली की परीक्षा पास करने वाले डॉक्टरों को हिमाचल में सीनियर रेजिडेंट बनने के लिए अलग परीक्षा नहीं देनी होगी।
सचिवालय में नए ब्लॉक का उद्घाटन
इससे पहले मुख्यमंत्री ने शिमला स्थित सचिवालय की आर्म्सडेल बिल्डिंग के फेज-4 के ब्लॉक-1 और ब्लॉक-2 का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि नए कार्यालय ब्लॉक शुरू होने से अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्यस्थल उपलब्ध होगा। इन ब्लॉकों में जल्द ही नए कार्यालयों का संचालन शुरू किया जाएगा।