Summer express, नई दिल्ली | देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। मंगलवार, 20 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल और माहे में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण भारत के कई राज्यों में 25 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र सप्ताह के अंत तक सोमालिया के तट की ओर बढ़ सकता है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश की संभावना
IMD के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 20 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 19 से 25 अक्टूबर के बीच इन क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है, जबकि 22 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।
इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
मौसम में इस बदलाव के पीछे तमिलनाडु तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर बना चक्रवाती परिसंचरण प्रमुख मौसमी प्रणालियों में शामिल है। इसके साथ जुड़ा ट्रफ भी आसपास के क्षेत्रों के मौसम को प्रभावित कर रहा है।
केरल और माहे में 25 अक्टूबर तक बारिश के आसार
केरल और माहे में 19 से 25 अक्टूबर के बीच कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। इस अवधि में कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। हवा के झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
21 से 23 अक्टूबर के दौरान हवाओं की रफ्तार बढ़कर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है, जबकि झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं, 22 से 25 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भी बदलेगा मौसम
तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 19 से 25 अक्टूबर तक छिटपुट बारिश हो सकती है। 19 से 21 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
20 और 21 अक्टूबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी बनी हुई है। दूसरी ओर, रायलसीमा में 19 से 25 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है।
कर्नाटक में कई दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का असर
कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
- तटीय कर्नाटक: 19 से 22 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 23 और 24 अक्टूबर को व्यापक बारिश का अनुमान है। 19 से 23 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।
- उत्तरी आंतरिक कर्नाटक: 19 अक्टूबर और 22 से 24 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश हो सकती है। 22 और 23 अक्टूबर को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
- दक्षिण आंतरिक कर्नाटक: 19 और 20 अक्टूबर तथा 25 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 21 से 24 अक्टूबर के बीच कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
पंजाब और उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश और उससे सटे पंजाब के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके साथ वायुमंडल के मध्य स्तरों में एक ट्रफ भी बना हुआ है। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। दक्षिण राजस्थान और उससे सटे क्षेत्रों में भी एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
इन मौसमी प्रणालियों का असर उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम पर पड़ सकता है। हालांकि, पंजाब के अलग-अलग जिलों में बारिश या तेज हवाओं की संभावना की पुष्टि के लिए संबंधित जिलों का ताजा मौसम पूर्वानुमान देखना जरूरी है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। बारिश और तेज हवाओं के समय अनावश्यक यात्रा से भी परहेज करना बेहतर रहेगा।