Summer express, अंबाला, अंकुर कपूर। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) में बजट पारित नहीं होने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झिंडा और वाइस प्रेसिडेंट गुरबीर सिंह के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। झिंडा की ओर से बजट पारित नहीं होने के लिए दूसरे सदस्यों को जिम्मेदार ठहराने और उनके घरों के बाहर दरी बिछाने संबंधी बयान दिए जाने के बाद अब गुरबीर सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने झिंडा पर गलत बयानबाजी, फिजूलखर्ची और बजट को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए उन्हें मीडिया के सामने खुली बहस करने की चुनौती दी है।
गुरबीर सिंह ने आरोप लगाया कि जगदीश सिंह झिंडा गुरुद्वारा साहिब में बैठकर बजट को लेकर पूरी सच्चाई सामने नहीं रख रहे हैं। उनके मुताबिक, पिछली बजट बैठक झिंडा ने खुद यह कहते हुए रद्द की थी कि मौजूदा बजट में भ्रष्टाचार की आशंका है और इसके लिए एक कमेटी गठित कर नया बजट तैयार करवाया जाएगा। इसके बावजूद बाद में बजट को लेकर चार से पांच बार बैठकें बुलाई गईं, लेकिन हर बार वही पुराना बजट पेश किया गया। गुरबीर सिंह का सवाल है कि जब बजट में कोई बदलाव नहीं किया गया, तो सदस्य उसे मंजूरी कैसे दे सकते हैं?
वाइस प्रेसिडेंट ने यह भी आरोप लगाया कि झिंडा की फिजूलखर्ची को लेकर सदस्यों में नाराजगी है और इसी वजह से बजट को मंजूरी देने पर सहमति नहीं बन पा रही है। उन्होंने झिंडा के हालिया लेह-लद्दाख दौरे का जिक्र करते हुए दावा किया कि इस यात्रा पर करीब एक लाख रुपये खर्च किए गए। गुरबीर सिंह ने बजट पारित करवाने की झिंडा की मंशा पर भी सवाल उठाए। हालांकि, ये सभी आरोप गुरबीर सिंह की ओर से लगाए गए हैं।
गुरबीर सिंह ने जगदीश सिंह झिंडा को चुनौती देते हुए कहा कि वे पूरी मीडिया के सामने बजट के मुद्दे पर खुली बहस करें, ताकि संगत और आम जनता के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने कहा कि झिंडा की ओर से उनके घरों के बाहर दरी बिछाने की बात कही गई है, लेकिन वे इसका स्वागत करेंगे। गुरबीर सिंह के अनुसार, वे संगत की सेवा के लिए तैयार हैं और ऐसी स्थिति आने पर अपनी बात रखते हुए पूरे मामले की सच्चाई सामने रखेंगे।
एचएसजीएमसी में बजट को लेकर जारी इस विवाद के बीच अब सभी की नजरें कमेटी के अगले कदम और बजट पर सहमति बनने पर टिकी हैं।