Summer express/बिलासपुर/ सुभाष-: माता के दरबार में सच्चे मन से की गई सेवा ही सबसे बड़ी भक्ति है। हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नैना देवी जी में माता रानी के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के अनेक उदाहरण देखने को मिलते हैं। इन्हीं में एक नाम हरियाणा के करनाल निवासी भारत भूषण कपूर का भी है, जो पिछले 28 वर्षों से शारदीय नवरात्रों के दौरान माता रानी के दरबार में भंडारे का आयोजन कर रहे हैं। उनकी सेवा केवल श्रद्धालुओं को भोजन करवाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह मंदिर की भव्य सजावट में भी अहम योगदान देते हैं। आइए जानते हैं, माता रानी के प्रति उनकी श्रद्धा और सेवा की प्रेरणादायक कहानी।
हिमाचल प्रदेश के विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नैना देवी जी में नवरात्रों के दौरान भक्तों का सैलाब उमड़ता है। देश के अलग-अलग राज्यों से लाखों श्रद्धालु माता रानी के दर्शन करने पहुंचते हैं। इस पावन अवसर पर कई श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य के अनुसार सेवा कार्यों में योगदान देते हैं। करनाल के भारत भूषण कपूर भी ऐसे ही भक्त हैं, जो बीते 28 वर्षों से नवरात्रों के दौरान माता के दरबार में भंडारा लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा कर रहे हैं।
भारत भूषण कपूर के लिए यह सेवा महज एक परंपरा नहीं, बल्कि माता रानी के प्रति उनकी गहरी आस्था और समर्पण का प्रतीक है। वह हर वर्ष नवरात्रों के पूरे दस दिन माता के दरबार में रहकर सेवा कार्यों की देखरेख करते हैं। उनके भंडारे में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है, ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को प्रसाद ग्रहण करने में किसी तरह की परेशानी न हो।भंडारे की विशेषता यह है कि यहां श्रद्धालुओं की जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाता है। सुबह के नाश्ते से लेकर दोपहर और रात के भोजन तक की व्यवस्था रहती है। शाम को चाय और स्नैक्स भी उपलब्ध करवाए जाते हैं। वहीं, व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष फलाहार का प्रबंध किया जाता है। इस तरह हर भक्त को उसकी धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप भोजन उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाता है।
भारत भूषण कपूर भंडारे की शुरुआत से पहले प्रतिदिन चारों समय माता रानी को भोग लगाते हैं। उनका मानना है कि माता की कृपा से ही उन्हें इतने वर्षों से यह सेवा करने का अवसर मिल रहा है। करीब 28 वर्ष पहले जब वह पहली बार श्री नैना देवी जी के दरबार पहुंचे थे, तब उन्होंने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया था। उसी समय उनके मन में विचार आया कि वह भी माता के भक्तों की सेवा के लिए भंडारे का आयोजन करेंगे। इसके बाद शुरू हुआ यह सेवा कार्य आज भी लगातार जारी है।
श्रद्धालुओं की सेवा के साथ-साथ भारत भूषण कपूर मंदिर की सजावट में भी विशेष योगदान देते हैं। नवरात्रों के दौरान मंदिर परिसर को फूलों, आकर्षक रोशनी और रंग-बिरंगी लड़ियों से सजाया जाता है। सजावट के लिए विदेशों से भी फूल मंगवाए जाते हैं, जिससे माता रानी का दरबार भव्य और आकर्षक दिखाई देता है।इसके अतिरिक्त, नववर्ष के अवसर पर माता श्री नैना देवी जी के दरबार से जुड़े हजारों कैलेंडरों की व्यवस्था में भी वह अपना सहयोग देते हैं।भारत भूषण कपूर की 28 वर्षों से जारी यह सेवा श्रद्धा, समर्पण और मानव सेवा की मिसाल है। उनका प्रयास संदेश देता है कि सच्ची भक्ति केवल पूजा-अर्चना में नहीं, बल्कि दूसरों की सेवा करने और उनके साथ खुशियां बांटने में भी बसती है।