Summer express/ऊना/ राकेश-: डेरा बाबा रुद्रानंद आश्रम ट्रस्ट के सचिव प्रवीण शर्मा पर लगे धन के दुरुपयोग के आरोपों को महाराज हेमानंद ने बताया बेबुनियाद, सोने के आभूषणों और महंगी गाड़ियों को लेकर भी दी सफाई, ट्रस्ट दर्ज करवाएगा पुलिस में शिकायतडेरा बाबा रुद्रानंद आश्रम ट्रस्ट के सचिव प्रवीण शर्मा पर सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के माध्यम से ट्रस्ट के पैसों के दुरुपयोग और निजी इस्तेमाल के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों को लेकर अब डेरा बाबा रुद्रानंद आश्रम के गद्दीनशीन महाराज हेमानंद जी मीडिया के सामने आए और उन्होंने इन आरोपों को निराधार तथा मनगढ़ंत बताया। महाराज ने कहा कि वीडियो के माध्यम से सचिव के साथ-साथ आश्रम की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
हेमानंद महाराज ने कहा कि प्रवीण शर्मा पिछले चार वर्षों से आश्रम और ट्रस्ट से जुड़े हुए हैं तथा एक कर्मठ और निष्ठावान व्यक्ति हैं। उन्होंने आरोपों को एक षड्यंत्र करार देते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां सनातन धर्म और हिंदू समाज की एकता को नुकसान पहुंचाने का प्रयास हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो बनाने और उसे प्रसारित करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ आश्रम ट्रस्ट की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई जाएगी।महाराज ने बताया कि आश्रम से संबंधित कार्य ट्रस्ट की बैठकों में निर्धारित किए जाते हैं। धन संबंधी निर्णय तीन सदस्यीय कमेटी द्वारा लिए जाते हैं और चेक पर उनके हस्ताक्षर होते हैं। उन्होंने कहा कि आश्रम के कार्यों को लेकर अंतिम निर्णय उन्हीं का होता है और उनकी अनुमति के बिना कोई कार्य नहीं किया जाता। ऐसे में सचिव पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।
वहीं, सोने के आभूषण पहनने और महंगी गाड़ियों के इस्तेमाल को लेकर पूछे गए सवालों पर महाराज हेमानंद ने कहा कि श्रद्धालु अपनी आस्था और श्रद्धा के चलते उन्हें सोने के आभूषण भेंट करते हैं और गाड़ियां भी भक्तों द्वारा दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई श्रद्धालु अपने दिए हुए आभूषण या गाड़ी वापस मांगता है, तो वे उसे लौटाने के लिए भी तैयार हैं। महाराज ने यह भी बताया कि वे जल्द ही एक नई गाड़ी लेने जा रहे हैं।ऊना जिले का डेरा बाबा रुद्रानंद लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां केवल ऊना ही नहीं, बल्कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों और अन्य स्थानों से भी श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में आश्रम और ट्रस्ट से जुड़े इस विवाद पर महाराज हेमानंद की सफाई के बाद अब सभी की नजरें ट्रस्ट की ओर से की जाने वाली पुलिस शिकायत और आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।