विकास फाइलों में नहीं, ज़मीन पर दिखना चाहिए- मेयर ने नागरिक सुविधाओं का लिया जायजा, जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए कड़े निर्देश
शगुन कश्यप | चंडीगढ़
समर न्यूज
शहर में जनसमस्याओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए चंडीगढ़ के महापौर सौरभ जोशी ने आज सेक्टर-16 और सेक्टर-24 का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली और नागरिक सुविधाओं की ज़मीनी हकीकत का बारीकी से जायज़ा लिया। उनके इस औचक दौरे से नगर निगम के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान जनस्वास्थ्य (पब्लिक हेल्थ), बागवानी (हाॅर्टीकल्चर), भवन एवं सड़क (बीएंडआर), विद्युत विभाग और चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी (एमओएच) सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मेयर के साथ मौजूद रहे। महापौर जोशी ने मौके पर कई गंभीर नागरिक समस्याओं एवं व्यवस्थागत खामियों को चिन्हित किया और लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों से कड़ी पूछताछ की।
स्थानीय निवासियों द्वारा रखी गई शिकायतों और मांगों का तत्काल संज्ञान लेते हुए, उन्होंने अधिकारियों को सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करने के
निर्देश दिए।
अधिकारियों को फटकार लगाते हुए महापौर जोशी ने दो टूक शब्दों में कहा, “जनता को बहाने नहीं, समाधान चाहिए। विकास केवल कागजों और फाइलों में नहीं, बल्कि ज़मीन पर हकीकत में दिखना चाहिए।” उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की शिकायतें फाइलों में धूल फांकने के लिए नहीं हैं। अधिकारियों की जवाबदेही हर हाल में तय होनी चाहिए और विकास कार्यों का असर हर गली, हर पार्क और हर मोहल्ले में नज़र आना चाहिए। जनता को कोरे आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस परिणाम चाहिए।
इस निरीक्षण के दौरान एक सकारात्मक पहलू भी सामने आया। महापौर ने उन जागरूक नागरिकों की खुले दिल से सराहना की, जो अपने संसाधनों और व्यक्तिगत प्रयासों से अपने आसपास के सार्वजनिक पार्कों की देखभाल
कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा बनाए रखना केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह जनभागीदारी से साकार होने वाला एक सामूहिक प्रयास है।
मेयर ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।