सरकार की मंजूरी के बाद शुरू होगी प्रक्रिया, इच्छी स्कूल को बल्ला मटौर और गग्गल स्कूल को कंदरहेड़ में शिफ्ट करने की योजना
Summer express/राहुल चावला, धर्मशाला-: कांगड़ा एयरपोर्ट के प्रस्तावित विस्तार के चलते आसपास के क्षेत्रों में स्थित तीन प्राथमिक स्कूलों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की तैयारी शुरू हो गई है। एयरपोर्ट विस्तार की जद में इच्छी, गग्गल और रछियालू के प्राथमिक स्कूल आ रहे हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षा विभाग ने तीनों स्कूलों को वैकल्पिक स्थानों पर शिफ्ट करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार के पास भेजा जाएगा। सरकार के निर्देश मिलने के बाद ही आगामी प्रक्रिया शुरू होगी।
डिप्टी डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन एलिमेंट्री बलविंदर सिंह गुलेरिया ने बताया कि एयरपोर्ट की प्रस्तावित साइट के दायरे में आने वाले स्कूलों को ऐसी जगह स्थानांतरित करने की योजना है, जहां एयरपोर्ट की बाउंड्री का असर न पड़े और विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए उचित सुविधाएं मिल सकें। विभाग का प्रयास है कि स्कूलों की शिफ्टिंग के दौरान बच्चों की शिक्षा व्यवस्था सुचारू बनी रहे।उन्होंने बताया कि इच्छी प्राथमिक स्कूल को करीब 500 से 600 मीटर दूर स्थित बल्ला मटौर स्कूल में स्थानांतरित करने पर विचार किया जा रहा है। बल्ला मटौर स्कूल के भवन की स्थिति अच्छी है और वहां बाउंड्री भी बनी हुई है। ऐसे में इसे इच्छी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त विकल्प माना जा रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय सरकार की स्वीकृति के बाद ही लिया जाएगा।
गुलेरिया के अनुसार, गग्गल प्राथमिक स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम हो रही है। यहां पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे प्रवासी परिवारों से संबंधित हैं। इसके बावजूद भविष्य में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की है। गग्गल स्कूल को करीब डेढ़ किलोमीटर दूर चतड़ू के पास स्थित कंदरहेड़ केंद्रीय प्राथमिक स्कूल में शिफ्ट करने का प्रस्ताव है। इस स्कूल में पर्याप्त कमरे और अच्छा मैदान उपलब्ध है।
वहीं, रछियालू प्राथमिक स्कूल को स्थानांतरित करने के लिए उपयुक्त भवन और जगह की तलाश की जा रही है। विभाग तीनों स्कूलों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को वैकल्पिक स्कूलों में समायोजित करने की योजना बना रहा है। फिलहाल, यह प्रस्तावित योजना है। सरकार की मंजूरी और आवश्यक निर्देश मिलने के बाद ही स्कूलों को शिफ्ट करने की अंतिम प्रक्रिया शुरू की जाएगी।