Summer express/हमीरपुर, अरविंद -: हिमाचल प्रदेश विधानसभा की स्थानीय निधि लेखा समिति की बैठक में अनुपस्थित रहने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। समिति के सभापति एवं विधायक संजय रत्न ने बैठक से गैरहाजिर रहने वाले अधिकारियों को नोटिस जारी कर शिमला में जवाब तलब किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति की बैठकों में अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है और बिना उचित कारण अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हमीरपुर स्थित हमीर भवन में हिमाचल प्रदेश विधानसभा की स्थानीय निधि लेखा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति विधायक संजय रत्न ने की। इस दौरान जिला हमीरपुर के विभिन्न विभागों से संबंधित ऑडिट पैरा और विभागीय कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति ने संबंधित विभागों को 31 दिसंबर और 31 मार्च तक निर्धारित लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।बैठक में बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल, विधायक सुरेश कुमार, इंदौरा के विधायक मलिंदर राजन, कुलदीप राठौर और कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा सहित उपायुक्त गंधर्वा राठौर, पुलिस अधीक्षक बलवीर ठाकुर, सभी उपमंडलाधिकारी और खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।
पुराने ऑडिट पैरा बंद करने पर रहेगा जोर
समिति के सभापति संजय रत्न ने कहा कि बैठक में जिला हमीरपुर के सभी विभागों से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई। विशेष रूप से वर्ष 2000 से पहले के लंबित ऑडिट पैरा को बंद करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में संबंधित विभागों को आगामी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लंबे समय से लंबित मामलों का निपटारा किया जा सके।उन्होंने कहा कि विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने लक्ष्यों को पूरा करने के साथ-साथ लंबित ऑडिट पैरा के निपटारे में भी गंभीरता दिखानी होगी। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में अनुपस्थिति पर जताई नाराजगी
संजय रत्न ने बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा की स्थानीय निधि लेखा समिति की बैठक महत्वपूर्ण होती है और इसे मिनी विधानसभा के रूप में देखा जाता है। ऐसे में सभी संबंधित अधिकारियों का बैठक में उपस्थित रहना जरूरी है।उन्होंने बताया कि अनुपस्थित अधिकारियों को नोटिस जारी कर शिमला में जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।अधिकारियों से उनकी गैरमौजूदगी का कारण पूछा जाएगा। यदि कोई अधिकारी जानबूझकर बैठक से अनुपस्थित पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। समिति ने स्पष्ट किया कि विभागों की जवाबदेही सुनिश्चित करना और लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा करना प्राथमिकता है।