Summer express, बलविंदर कुमार, कैथल। कैथल जिले की अनाज मंडियों में धान की सरकारी खरीद, उठान और किसानों को भुगतान की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के जिला प्रबंधक अजय कुमार ने बताया कि जिले में अब तक खरीदे गए धान का 71 प्रतिशत उठान किया जा चुका है, जबकि किसानों को 97 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। शेष तीन प्रतिशत भुगतान से संबंधित विवरण अभी पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है। विवरण प्रदर्शित होते ही बाकी भुगतान की प्रक्रिया भी पूरी कर दी जाएगी।
अजय कुमार ने कहा कि किसानों को समय पर भुगतान उपलब्ध करवाना और मंडियों से खरीदे गए धान का जल्द उठान सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों और जिला उपायुक्त की देखरेख में मंडियों में आवश्यक प्रबंध किए गए हैं, ताकि किसानों, आढ़तियों और राइस मिलर्स को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों हुई बारिश और खराब मौसम के कारण मंडियों में धान की फसल को सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे समय में जिला प्रशासन, खरीद एजेंसियों और विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने आपसी तालमेल से काम किया और फसल को मौसम की मार से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए। खरीदे गए धान को प्राथमिकता के आधार पर राइस मिलों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे मंडियों में जगह खाली हो रही है और नई फसल लेकर आने वाले किसानों को सुविधा मिल रही है।
जिला प्रबंधक के अनुसार, पिछले दो से तीन दिनों में जिले की मंडियों में धान की आवक बढ़ी है। इससे खरीद और उठान से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। धान की बढ़ती आवक को देखते हुए उठान कार्य में तेजी लाई गई है, ताकि मंडियों में पर्याप्त जगह बनी रहे और किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी न हो।
इस बीच, हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के चेयरमैन अधिवक्ता रामकिशन शर्मा ने हाल ही में कैथल की अनाज मंडी का दौरा कर धान खरीद और उठान की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने किसानों, आढ़तियों और राइस मिलर्स से बातचीत कर खरीद प्रक्रिया, भुगतान, उठान और मंडियों में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। चेयरमैन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान खरीद सीजन के दौरान किसानों, आढ़तियों और राइस मिलर्स को किसी भी तरह की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
अजय कुमार ने कहा कि धान खरीद प्रक्रिया को बेहतर तालमेल और सुव्यवस्थित प्रबंधन के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि किसानों की फसल का समय पर उठान हो और भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी की जा सके।