शिमला, संजू -:राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सड़क जाम करने के मामले में शिमला पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। प्रदर्शन के बाद अब तक मामले में FIR दर्ज नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर चर्चा तेज हो गई है। वहीं, पुलिस फिलहाल मामले की जांच जारी होने की बात कह रही है।जानकारी के अनुसार, बीते गुरुवार को राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी ने UGC के फैसले को वापस लेने की मांग को लेकर शिमला में प्रदर्शन किया था। इस दौरान कई घंटों तक सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शन के दौरान फायर टेंडर के शीशे तोड़े जाने और मुख्यमंत्री के पोस्टर को फाड़ने की घटनाएं भी सामने आई थीं।
इन घटनाओं के बावजूद अब तक पुलिस की ओर से FIR दर्ज नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले में यह भी चर्चा है कि प्रदर्शन के दौरान मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने मौके पर FIR दर्ज नहीं करने के मौखिक निर्देश दिए थे। हालांकि, इन निर्देशों और पुलिस की कार्रवाई के बीच संबंध को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।मामले पर शिमला सिटी की ASP मेहर पंवर ने जांच जारी होने की बात कही है। पुलिस की ओर से फिलहाल मामले में विस्तृत कार्रवाई और FIR दर्ज करने को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।ऐसे में सवाल उठता है कि प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और यातायात बाधित करने के आरोपों पर पुलिस कब तक कार्रवाई करेगी। अब सभी की नजर पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।