समर न्यूज | जालंधर
पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी के बीच मंगलवार को जालंधर में हीरो पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बर्ल्टन पार्क स्थित ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में आयोजित उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया और प्रतियोगिता में भाग ले रही टीमों के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। पंजाब के लिए यह आयोजन इसलिए भी खास है, क्योंकि राज्य लंबे समय से भारतीय हॉकी को खिलाड़ी देने वाले प्रमुख केंद्रों में शामिल रहा है।
टूर्नामेंट में भारत के अलावा मलेशिया, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश की टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता 27 अक्टूबर से पांच नवंबर तक जालंधर और मोहाली में आयोजित की जाएगी। जालंधर में दो नवंबर तक लीग चरण के मुकाबले खेले जाएंगे। इसके बाद चार नवंबर को मोहाली में सेमीफाइनल मुकाबले होंगे, जबकि पांच नवंबर को कांस्य और स्वर्ण पदक के लिए मैच खेले जाएंगे। आयोजकों ने दर्शकों के लिए स्टेडियम में प्रवेश निशुल्क रखा है। हालांकि, प्रवेश के लिए डिजिटल पास और क्यूआर कोड की व्यवस्था की गई है। दर्शक निर्धारित ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण कर पास प्राप्त कर सकते हैं। आयोजन के दौरान सुरक्षा, यातायात और दर्शकों की सुविधाओं के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। पंजाब सरकार और हॉकी से जुड़े अधिकारियों को उम्मीद है कि इस प्रतियोगिता से राज्य में हॉकी को बढ़ावा मिलेगा और जालंधर की खेल पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिलेगी।
छह टीमों के बीच खिताबी मुकाबला
उद्घाटन दिवस पर तीन मुकाबले निर्धारित किए गए। पहले मैच में मलेशिया का सामना चीन से हुआ, जबकि दूसरे मुकाबले में जापान और दक्षिण कोरिया की टीमें आमने-सामने रहीं। दिन का मुख्य आकर्षण भारत और बांग्लादेश के बीच मुकाबला रहा, जो शाम को खेला जाना निर्धारित था। भारतीय टीम घरेलू दर्शकों के सामने अपने अभियान की शुरुआत कर रही है। प्रतियोगिता में सभी छह टीमें लीग चरण में एक-दूसरे से खेलेंगी। इसके बाद अंक तालिका में शीर्ष चार स्थान हासिल करने वाली टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।
हरमनप्रीत के लिए खास मौका
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह के लिए अपने गृह राज्य में अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलना विशेष महत्व रखता है। उन्होंने पहले कहा था कि उनके परिवार को पहली बार स्टेडियम में बैठकर उन्हें भारत के लिए खेलते देखने का अवसर मिलेगा। जालंधर और आसपास के क्षेत्रों का हॉकी से गहरा जुड़ाव रहा है। ऐसे में प्रतियोगिता से स्थानीय खिलाड़ियों और युवाओं को भी इस खेल से जुड़ने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।