अर्शदीप सिंह समर | समर न्यूज | लुधियाना
पंजाब में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले अक्टूबर में हुई कई गंभीर आपराधिक घटनाओं ने कानून-व्यवस्था और नशे के कारोबार पर बहस तेज कर दी है। मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या, लुधियाना और बठिंडा में पूर्व सरपंचों की हत्या, अमृतसर में गोलीबारी और पटियाला-संगरूर क्षेत्र में अपहरण के बाद हत्या जैसी घटनाओं ने लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। नशे की कथित बिक्री, गैंगस्टरों की गतिविधियों व अवैध हथियारों की आपूर्ति से जुड़े मामले भी राज्य सरकार के लिए चुनौती बने हुए हैं।
इन घटनाओं को लेकर विपक्षी दल आप सरकार पर हमलावर हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि कई प्रमुख मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई जारी है। ऐसे में चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था का सवाल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ-साथ प्रशासन की कार्यप्रणाली की कसौटी भी बन गया है। अक्टूबर की सबसे चर्चित घटनाओं में 13 अक्टूबर को मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या शामिल है। नशे के मुद्दे पर राजनीतिक दबाव भी बढ़ा है। विपक्षी दलों ने झोटा की हत्या को सरकार की नशा विरोधी मुहिम की प्रभावशीलता से जोड़कर सवाल उठाए हैं।
एक ही दिन में तीन हत्याओं से बढ़ी चिंता
अक्टूबर की शुरुआत भी हिंसक घटनाओं के साथ हुई। तीन अक्टूबर को लुधियाना के निकट पूर्व सरपंच नवतेज सिंह उर्फ नीतू की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जांच में पुरानी जमीन संबंधी रंजिश का पहलू सामने आया। इसी दिन बठिंडा जिले में पूर्व सरपंच जगतार सिंह उर्फ तारा की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी गई। अहमदगढ़ क्षेत्र में कबाड़ का काम करने वाली सुनीता की हत्या का मामला भी सामने आया, जिसमें पुरानी रंजिश की आशंका जताई गई। अमृतसर में भी कई गंभीर वारदातें हुईं। 18 अक्टूबर को राम नगर कॉलोनी में रीता और उनके बेटे गौरव कुमार के शव मिले। इस दोहरे हत्याकांड में गौरव की पत्नी मनीषा को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा, स्कूटर की पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद अमित सभरवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 26 अक्टूबर को अमृतसर के ग्रामीण क्षेत्र में आप नेता के भाई तीरथ सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि हमले में रंजीत सिंह घायल हो गए। पटियाला-संगरूर क्षेत्र में नवाब खान के अपहरण और हत्या की घटना ने भी चिंता बढ़ाई।
}गैंगस्टर नेटवर्क और अवैध हथियारों की चुनौती: पंजाब में गैंगस्टरों की गतिविधियां और अवैध हथियारों की आपूर्ति भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। अमृतसर के मेहता क्षेत्र में एक जिम पर गोलीबारी की घटना सामने आई। जिम संचालक को कथित तौर पर विदेश में बैठे गैंगस्टर से फिरौती की धमकी मिली थी। इस तरह की घटनाएं स्थानीय अपराधियों और विदेश में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क के बीच संभावित संबंधों की जांच की जरूरत को रेखांकित करती हैं। एक अन्य कार्रवाई में अमृतसर क्षेत्र में सीमा पार से हथियारों की तस्करी से जुड़े कथित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया। इस दौरान 16 पिस्तौल बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई। मामले में सेना के एक जवान की भूमिका की भी जांच की गई। हथियारों की उपलब्धता, फिरौती की धमकियों और आपराधिक नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण की जरूरत बनी हुई है।
}विपक्ष ने सरकार को घेरा: इन घटनाओं के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार की नशा विरोधी मुहिम और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। भाजपा नेताओं ने झोटा की हत्या के विरोध में प्रदर्शन कर मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने भी नशे के कारोबार, गैंगस्टर गतिविधियों और हिंसक अपराधों पर नियंत्रण को लेकर सरकार की आलोचना की है। विपक्ष का आरोप है कि और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाई है।
}चुनाव से पहले सरकार की परीक्षा: पंजाब में नशे का मुद्दा पहले से ही राजनीतिक बहस के केंद्र में है। भाजपा ने नशा मुक्ति यात्रा निकाली है, जबकि शिरोमणि अकाली दल ने भी नशे के खिलाफ अभियान चलाया है। सत्तारूढ़ आप और कांग्रेस इस मुद्दे पर एक-दूसरे तथा केंद्र सरकार की नीतियों को कठघरे में खड़ा करते रहे हैं।