Summer express, अंकुर कपूर, अंबाला। अंबाला कैंट की इंदिरा कॉलोनी में स्टॉर्म वाटर परियोजना के तहत पाइप डालने के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में गिरने से एक नंदी की मौत हो गई। आरोप है कि ठेकेदार और संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही के चलते गड्ढे के चारों ओर सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग नहीं की गई थी। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, इंदिरा कॉलोनी में स्टॉर्म वाटर परियोजना के तहत पाइप डालने के लिए कई जगह गहरे गड्ढे खोदे गए हैं। देर रात एक गड्ढे में पानी भरने से कीचड़ और फिसलन हो गई। इसी दौरान एक भारी भरकम नंदी उसमें गिर गया। काफी प्रयासों के बावजूद वह बाहर नहीं निकल पाया और उसकी मौत हो गई। सुबह स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची।
स्थानीय निवासी आशीष पासी ने आरोप लगाया कि गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग की जानी चाहिए थी। यदि सुरक्षा के इंतजाम होते तो बेजुबान पशु की जान बच सकती थी। उन्होंने कहा कि खुले गड्ढे किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। इनमें कोई छोटा बच्चा भी गिर सकता था। इसलिए निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करना ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
वहीं, स्टॉर्म वाटर विभाग के इंजीनियर अमरीश ने माना कि कर्मचारियों की लापरवाही के कारण गड्ढा खुला रह गया था। उन्होंने बताया कि काम खत्म करने के बाद कर्मचारी बैरिकेडिंग करना भूल गए थे। इस संबंध में स्टाफ को भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था का पूरा ध्यान रखने की सख्त हिदायत दी गई है।
मौके पर पहुंचे डायल 112 के अधिकारी ने भी हादसे के लिए ठेकेदार की लापरवाही को जिम्मेदार बताया। बाद में जेसीबी की मदद से मृत नंदी को बाहर निकाला गया और टांगरी नदी की ओर ले जाकर दफना दिया गया।