Summer express, नूंह। नूंह नगर योजनाकार विभाग के कनिष्ठ अभियंता (जेई) सलीम को 80 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। गुरुग्राम एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम अदालत में उनके खिलाफ ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी। इसके बाद अदालत ने जेई सलीम को रिहा कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद एसीबी की कार्रवाई पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जेई सलीम के अधिवक्ता नय्यर ने बताया कि एसीबी की टीम ने अदालत में स्वीकार किया कि उनके पास आरोपी के खिलाफ कोई ऐसा साक्ष्य नहीं है, जिसके आधार पर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा सके। अधिवक्ता के अनुसार, मामले की सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ता और जेई के बीच कथित रिश्वत मामले से पहले से ही विवाद की पृष्ठभूमि थी। शिकायतकर्ता का मौसेरा भाई जेई सलीम के साथ पहले से विवाद में था।
अधिवक्ता नय्यर ने आरोप लगाया कि इसी रंजिश के चलते सलीम को मामले में फंसाने की योजना बनाई गई थी। उन्होंने बताया कि जिस काम को करवाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था, वह काम ही संबंधित रिकॉर्ड में नहीं पाया गया। इसके अलावा एसीबी को ऐसी कोई ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग भी नहीं मिली, जिसमें जेई सलीम द्वारा पैसों की मांग किए जाने की पुष्टि होती हो।
बचाव पक्ष ने अदालत में यह भी दलील दी कि जिस क्षेत्र में काम करवाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था, उस क्षेत्र का प्रभार भी जेई सलीम के पास नहीं था। अधिवक्ता के मुताबिक, एसीबी की ओर से अदालत में पेश किए गए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बाद छवि गोयल की अदालत ने जेई सलीम को रिहा करने का आदेश दिया।
अधिवक्ता नय्यर ने कहा कि एसीबी के पास उनके मुवक्किल के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं था। उन्होंने दावा किया कि सलीम को आपसी रंजिश के चलते साजिश का शिकार बनाया गया। उनके अनुसार, यदि जांच एजेंसी को भविष्य में कोई ठोस सबूत मिलता है तो वह अदालत की अनुमति से आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
जेई सलीम की रिहाई के बाद इस मामले में एसीबी की कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों की ओर से भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि यदि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत उपलब्ध नहीं थे तो गिरफ्तारी किस आधार पर की गई। हालांकि, मामले में सामने आए साजिश और रंजिश से जुड़े दावे बचाव पक्ष के अधिवक्ता के बयान पर आधारित हैं।