Summer express/हमीरपुर, अरविंद-: मृत्यु के वास्तविक कारणों की पहचान करने और स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों को अधिक विश्वसनीय बनाने की दिशा में जिला हमीरपुर ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। केंद्र सरकार के पायलट प्रोजेक्ट के तहत हमीरपुर में कम्युनिटी हेल्थ अधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू की गई। खास बात यह है कि देशभर में इस परियोजना के तहत प्रशिक्षण शुरू करने वाला हमीरपुर पहला जिला बन गया है। इस पायलट प्रोजेक्ट में देश के 18 राज्यों से एक-एक जिले का चयन किया गया है।
सीएमओ कार्यालय के समीप स्थित फूड प्लाजा में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने किया। इसमें कम्युनिटी मेडिकल ऑफिसर्स (सीएचओ) को विभिन्न परिस्थितियों में होने वाली मौतों के कारणों की पहचान करने, उनसे जुड़ी जानकारियां एकत्रित करने और उन्हें वैज्ञानिक तरीके से रिकॉर्ड करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण देने के लिए एम्स नई दिल्ली के सेंटर फॉर कम्युनिटी मेडिसिन की विशेष टीम हमीरपुर पहुंची है। टीम में डॉ. अनमोल दौलत, डॉ. आकांक्षा वर्मा और आशीष सिंह शामिल हैं। इस दौरान डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अभिलाष सूद, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नेहा पटियाल और जन शिक्षा एवं सम्प्रेषण अधिकारी सुनील कुमार भी मौजूद रहे।
डॉ. अनमोल दौलत ने बताया कि यह परियोजना देश के 18 राज्यों में संचालित की जा रही है। हिमाचल प्रदेश में इसके लिए जिला हमीरपुर का चयन किया गया है। परियोजना के तहत विभिन्न कारणों से होने वाली मौतों का विवरण डिजिटल ऐप के माध्यम से दर्ज किया जाएगा। इस प्रक्रिया में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा विकसित निर्धारित टूल्स का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि मृत्यु के कारणों से संबंधित जानकारी व्यवस्थित और प्रमाणिक तरीके से जुटाई जा सके।
डॉ. अजय अत्री ने बताया कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य समुदाय स्तर पर होने वाली मौतों के कारणों का पता लगाकर उनके विश्वसनीय आंकड़े एकत्रित करना और उनका वैज्ञानिक विश्लेषण करना है। इससे जिले में विभिन्न बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण होने वाली मौतों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों के विश्लेषण से स्वास्थ्य विभाग को यह समझने में मदद मिलेगी कि किन क्षेत्रों में किस तरह की स्वास्थ्य सुविधाओं की अधिक आवश्यकता है। इसके आधार पर भविष्य में स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। साथ ही, स्थानीय जरूरतों के अनुसार स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।