Summer express, गुरुग्राम (अनुज पांचाल) | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आम जनता से जुड़ी कुल 15 शिकायतें रखी गईं, जिनमें से 11 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के निपटारे में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लंबित शिकायतों का भी प्राथमिकता के आधार पर जल्द समाधान किया जाए।
बैठक के दौरान विकास कार्यों और सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। पटौदी में गलत प्रॉपर्टी आईडी बनाए जाने की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। वहीं, कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में गुरुग्राम नगर निगम के एक पटवारी को निलंबित कर दिया गया। सड़क निर्माण में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी की सैलरी काटने के भी निर्देश दिए गए।
इसके अलावा, बिल्डर की ओर से फ्लैट आवंटित किए जाने के बावजूद खरीदार को कब्जा नहीं देने का मामला भी बैठक में उठा। मुख्यमंत्री ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित बिल्डर के खिलाफ जांच कराने के आदेश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उन्हें अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
शहर की मूलभूत सुविधाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम और मानेसर नगर निगम क्षेत्रों में बने सार्वजनिक शौचालयों की जांच कराने के निर्देश दिए। नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी इन शौचालयों की इमारतों का स्वयं निरीक्षण करेंगे और उनकी स्थिति का जायजा लेंगे। इसके आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में जिले के सरकारी स्कूलों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जर्जर हालत में चल रहे स्कूलों के सुधारीकरण और नवीनीकरण का काम जल्द शुरू किया जाएगा। जिन स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है, वहां भी आवश्यक सुधार किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ आम जनता तक पहुंचना चाहिए। शिकायतों का समाधान केवल कागजों में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर दिखाई देना चाहिए।