Summer express, अंबाला (अंकुर कपूर) | केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अंबाला दौरे और 1857 की प्रथम स्वतंत्रता क्रांति पर आधारित शहीदी स्मारक के उद्घाटन से पहले जिले में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। हरियाणा के पूर्व कैबिनेट मंत्री असीम गोयल ने प्रेस वार्ता कर लोगों से इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह शहीदी स्मारक किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि उन वीरों को समर्पित है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना बलिदान दिया, लेकिन इतिहास के पन्नों में उन्हें उचित स्थान नहीं मिल पाया।
प्रेस वार्ता के दौरान असीम गोयल ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल शहीदी स्मारक को भाजपा से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि इसका उद्देश्य देश के उन गुमनाम क्रांतिकारियों और शहीदों के योगदान को सम्मान देना है, जिनकी कुर्बानियों को लंबे समय तक उचित पहचान नहीं मिली। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर पहुंचकर शहीदों को नमन करें और उनके बलिदान को याद करें।
असीम गोयल ने शहीदी स्मारक के निर्माण में कैबिनेट मंत्री अनिल विज के करीब 30 वर्षों के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अनिल विज ने इस स्मारक के निर्माण के सपने को साकार करने के लिए लंबे समय तक मेहनत की है। स्मारक की भव्यता और शिल्पकला का उल्लेख करते हुए गोयल ने कहा कि भारत के लोग दुबई जाकर वहां की शानदार और अनूठी इमारतों को देखते हैं, लेकिन अब अंबाला में भी ऐसी उत्कृष्ट शिल्पकला का भव्य उदाहरण देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह स्मारक अपनी वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के कारण विशेष पहचान बनाएगा।
पूर्व मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र और हरियाणा सरकार देश के वीर शहीदों के योगदान को सम्मान देने और उनके बलिदान की गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि शहीदी स्मारक आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और वीर क्रांतिकारियों के बलिदान से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर उन्होंने अंबाला सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों से कार्यक्रम में शामिल होकर इसे सफल बनाने का आह्वान किया।