15.50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा प्रोजेक्ट
Summer express/शिमला, संजू-: राजधानी शिमला में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को जल्द ही खड़ी चढ़ाई से राहत मिलने वाली है। लक्कड़ बाजार से रिज मैदान तक पहुंचने के लिए अब लोगों को पैदल चढ़ाई चढ़ने की मजबूरी नहीं रहेगी। नगर निगम की ओर से इस मार्ग पर फ्यूनिकुलर ट्रॉली और लिफ्ट की सुविधा विकसित की जा रही है। करीब 15.50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। प्रशासन का लक्ष्य 30 नवंबर तक इन सुविधाओं को आम जनता के लिए शुरू करने का है। हालांकि, सेवा शुरू करने से पहले तकनीकी ट्रायल और सुरक्षा संबंधी जांच पूरी की जाएगी।
इस परियोजना के पूरा होने से खासकर बुजुर्गों, महिलाओं , बच्चों और उन पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें लक्कड़ बाजार से रिज मैदान तक पहुंचने के लिए काफी मुश्किल रास्ते से गुजरना पड़ता है। शिमला की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां कई स्थानों पर खड़ी चढ़ाई है। ऐसे में नई परिवहन सुविधा शहर के लोगों के साथ पर्यटन कारोबार के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
महापौर सुरेंद्र चौहान के अनुसार, करीब 15.50 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना के तहत तीन प्रमुख कार्य किए जा रहे हैं। इनमें लक्कड़ बाजार के पुराने बस स्टैंड का नवीनीकरण, लगभग 15 से 18 नई दुकानों का निर्माण और लिफ्ट के साथ फ्यूनिकुलर ट्रॉली की सुविधा विकसित करना शामिल है। इन कार्यों के माध्यम से क्षेत्र को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने के साथ-साथ स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।महापौर ने बताया कि इस व्यवस्था के तहत यात्रियों को सबसे पहले लिफ्ट के माध्यम से आधे रास्ते तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद फ्यूनिकुलर ट्रॉली की मदद से लोग आसानी से ऊपर रिज मैदान की ओर पहुंच सकेंगे। इससे पैदल चलने में असमर्थ लोगों को विशेष सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि परियोजना को 30 नवंबर तक जनता को समर्पित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे पहले ट्रॉली और लिफ्ट का ट्रायल किया जाएगा। सुरक्षा और तकनीकी मानकों की जांच में लगभग पांच से दस दिन का समय लग सकता है। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही इसका नियमित संचालन शुरू होगा।
महापौर ने यह भी जानकारी दी कि शहर में एक अन्य लिफ्ट परियोजना पर भी काम चल रहा है। ऑकलैंड हाउस के समीप ऑक टनल के साथ लिफ्ट स्थापित की जा रही है। संबंधित एजेंसी ने इस कार्य को 30 या 31 मार्च 2027 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इस परियोजना के शुरू होने से संबंधित क्षेत्र में आवाजाही करने वाले स्थानीय लोगों और अन्य यात्रियों को सुविधा मिलेगी।फ्यूनिकुलर ट्रॉली शुरू करने के पीछे नगर निगम का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को मालरोड और रिज मैदान तक पहुंचने का सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध करवाना है। महापौर के मुताबिक, इस सुविधा से पर्यटकों को शिमला घूमने का एक नया अनुभव भी मिलेगा। ट्रॉली से सफर करते हुए लोग शहर की ऊंचाई से खूबसूरत वादियों, पहाड़ों और प्राकृतिक नजारों का आनंद ले सकेंगे। इसके आसपास सेल्फी पॉइंट विकसित करने के साथ क्षेत्र की सुंदरता और हरियाली को भी आकर्षण का केंद्र बनाने की योजना है।
फ्यूनिकुलर की क्षमता को लेकर महापौर ने बताया कि शुरुआती अनुमान के अनुसार इसमें एक बार में करीब आठ से दस लोग सफर कर सकेंगे। हालांकि, यात्रियों की वास्तविक संख्या का निर्धारण वजन उठाने की क्षमता और अन्य तकनीकी मानकों के आधार पर किया जाएगा। परियोजना में आरटीडीसी (RTDC) और नगर निगम की हिस्सेदारी रहेगी। दोनों संस्थाएं मिलकर इसके संचालन में अपनी भूमिका निभाएंगी।
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से दीये खरीदेगा नगर निगम
महापौर सुरेंद्र चौहान ने दीपावली के अवसर पर प्रदेश और शिमला वासियों को शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि दीपावली रोशनी, खुशियों और आपसी भाईचारे का त्योहार है। नगर निगम का प्रयास है कि इस अवसर पर स्थानीय महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए भी कदम उठाए जाएं। इसी उद्देश्य से नगर निगम स्वयं सहायता समूहों से दीये खरीदेगा। इन समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने हाथों से मिट्टी के दीये, सजावटी सामान और उपहार तैयार करती हैं। नगर निगम उन्हें अपने उत्पाद बेचने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध करवाने का प्रयास कर रहा है, ताकि उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हो सके और महिलाएं आत्मनिर्भर बनें।
नगर निगम कर्मचारियों को डीए का लाभ, एडवांस सुविधा को भी मंजूरी
वहीं, नगर निगम कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए महापौर ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से मुख्यमंत्री द्वारा घोषित चार और पांच प्रतिशत महंगाई भत्ते (डीए) का लाभ नगर निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनरों को भी दिया गया है। इससे कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी।इसके अलावा कर्मचारियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एडवांस लेने की व्यवस्था को भी नगर निगम हाउस में मंजूरी प्रदान की गई है। अब आवश्यकता पड़ने पर कर्मचारी निर्धारित व्यवस्था के तहत एडवांस राशि ले सकेंगे। महापौर ने कहा कि नगर निगम कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए लगातार फैसले ले रहा है।