संजीव महाजन ,नूरपुर | दशहरी आम जो अभी तक सभी आमों का राजा माना जाता है, जिसकी बादशाहत के आगे अभी तक सभी आमों को फीका माना जाता है अब उसी दशहरी आम की किमत बजारो मे नही मिल रही है एक तरफ मौसम की बेरुखी दूसरी तरफ आम के व्यापारी मंडियों में आम के बेहतर दाम मिलने से परेशान है । जिस पर जिला कांगडा़ के क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, जाच्छ ने सूझाब दिए है । उन्होंने बताया की इस पर व्यापारी एवं किसानो को क्या करना चाहिए ।
जिला कांगडा़ के क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, जाच्छ के प्रधान वैज्ञानिक डा० राजेश कलेर वताते है कि दशहरी आम के सही दाम न मिलने के कारण एक मुश्कत ( एक दम) पक जाना रहता है यह आम कम समय मे एक दम पक जाता है और एक ही समय मे भारी मात्रा मे बजारो मे पंहुच जाता है जिस कारण दहशरी आम के दाम किसानो को नही मिल पाते है ।
प्रधान वैज्ञानिक डा० राजेश कलेर कहा कि साथ मे ही किसान दशहरी आमो के अच्छे दाम के लिए अच्छी मार्किट एवं अच्छी मंडी का चयन करना चाजिए ।बही उन्होंने किसानो को पिछेती आम की किस्में लगाने की भी सलाह दी है उनका कहा है कि आम की अगेती किस्म दशहरी का तुड़ान जून के दूसरे सप्ताह से शुरू हो गया था। जिले की प्रमुख सब्जी मंडी जसूर हो सहित प्रदेश व अन्य राज्य की मंडियो मे भेजा जा रहा है मगर शुरुआती से ही दौर में दशहरी आम का मूल्य 15 से लेकर 24 रुपये प्रति किलो मंडियो मे मिल रहा है जिससे किसान एवं व्यपारी काफी परेशान है वर्तमान में मंडियो में अब पिछेती किस्में लंगड़ा, चौसा, आम्रपाली, फंजली, मलका व राम केला आने शुरू होने लगी हैं और 35 से 45 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। वर्तमान में पिछेती किस्मों का तुड़ान अब शुरु होने लगा है किसानो को यह पिछेती किस्मो को भी लगाना चाहिए। यह स्बाद मे भी और दाम मे भी अच्छे होते है