Summer express/ऊना, राकेश-: तंबाकू मुक्त युवा अभियान के तहत ऊना जिले ने प्रदेशभर में अपनी अग्रणी स्थिति बरकरार रखते हुए 112 गांवों को तंबाकू मुक्त बनाने की उपलब्धि हासिल की है। अब जिला प्रशासन ने अभियान के अगले चरण में शेष गांवों को भी इस मुहिम से जोड़ने की तैयारी तेज कर दी है। उपायुक्त जतिन लाल ने अधिकारियों को पंचायत स्तर पर विशेष ग्राम सभाएं आयोजित करने, शिक्षण संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने और तंबाकू नियंत्रण कानूनों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि तंबाकू मुक्त युवा अभियान के चौथे चरण (टीएफवाईसी-4.0) के तहत सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें, ताकि जिले को तंबाकू मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में प्रभावी प्रगति हो सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, बीएमओ और बीडीओ के प्रयासों की सराहना करते हुए शेष गांवों को भी अभियान से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।बुधवार को जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने बताया कि अभियान का चौथा चरण 28 अक्तूबर से शुरू होकर 26 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान युवाओं को तंबाकू और नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ तंबाकू नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।उन्होंने पंचायत स्तर पर विशेष ग्राम सभाएं आयोजित कर तंबाकू, खैनी, गुटखा और चिट्टे सहित अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों पर चर्चा करने के निर्देश दिए। साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों को तंबाकू नियंत्रण में उनकी भूमिका और अधिकारों की जानकारी देने को कहा, ताकि वे अपने गांवों को तंबाकू मुक्त बनाने में सक्रिय योगदान दे सकें।
कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम
उपायुक्त ने एसडीएम, डीएसपी और बीएमओ को कॉलेजों का दौरा कर विद्यार्थियों के साथ जागरूकता सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त परिसर के निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने और संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा।
तंबाकू नियंत्रण कानूनों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
जतिन लाल ने सभी विभागाध्यक्षों को अपने कार्यालयों और कार्यस्थलों को तंबाकू मुक्त बनाने के निर्देश दिए। पुलिस, स्वास्थ्य, आबकारी एवं कराधान और खाद्य सुरक्षा विभाग को नियमित निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया। शहरी निकायों को तंबाकू उत्पाद बेचने वालों के लाइसेंस और निर्धारित शर्तों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।अभियान के तहत कोटपा अधिनियम, 2003, इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019 और हिमाचल प्रदेश तंबाकू नियंत्रण अधिनियम, 2016 के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। हुक्का बार, अवैध सिगरेट बिक्री, तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन और सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान से जुड़े मामलों में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
टीएफवाईसी-3.0 में भी ऊना का शानदार प्रदर्शन
उल्लेखनीय है कि तंबाकू मुक्त युवा अभियान के तीसरे चरण में बड़े राज्यों की श्रेणी में हिमाचल प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया गया। प्रदेश में 4,800 के लक्ष्य के मुकाबले 9,677 शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में उपलब्धि हासिल की गई, जबकि 360 के लक्ष्य के मुकाबले 574 गांव तंबाकू मुक्त घोषित किए गए।
इस उपलब्धि में ऊना जिले का विशेष योगदान रहा। जिला 112 तंबाकू मुक्त गांवों के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। इसके अतिरिक्त 898 शिक्षण संस्थानों को भी तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में उपलब्धि दर्ज की गई। जिले में तंबाकू नियंत्रण के तहत 21 प्रवर्तन अभियान चलाए गए। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान के 692 चालान कर 67,770 रुपये जुर्माना वसूला गया। वहीं, खुले में सिगरेट बेचने और शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री से जुड़े उल्लंघनों पर आठ चालान कर 1,400 रुपये जुर्माना लगाया गया।उपायुक्त ने सभी विभागों को अभियान के तहत की गई गतिविधियों और कार्रवाई की नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में अधिकारियों को ‘तंबाकू मुक्त हिमाचल’ की शपथ दिलाई गई और प्रत्येक अधिकारी से कम से कम दस लोगों को इस मुहिम से जोड़ने का आह्वान किया गया।