Summer express, करनाल। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने के लिए तैयार है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को चुनौती दी कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग करें। शाह ने कहा कि सरकार इस विषय पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने को तैयार है और कांग्रेस को चर्चा से बचने के बजाय अपने आरोपों का जवाब संसद में देना चाहिए।
वीरवार को करनाल में भाजपा की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के समापन के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक देशभर में अभियान चलाया। इस दौरान 600 जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए और एसआईआर को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का जवाब दिया गया। शाह के मुताबिक, इन कार्यक्रमों में लोगों की भागीदारी और समर्थन देखने को मिला।
गृह मंत्री ने कहा कि देश की जनता ने लगातार तीसरी बार नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री चुना है। इसके बाद विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। हरियाणा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में सत्ता में वापसी की उम्मीद लगाए बैठी थी, लेकिन मतगणना के शुरुआती पांच दौर के बाद ही उसकी उम्मीदों को झटका लगा। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा की जनता ने लगातार तीसरी बार भाजपा को सरकार बनाने का अवसर दिया और नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री चुना।
अमित शाह ने महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार, असम सहित कई राज्यों के चुनावी नतीजों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी चुनावी हार के लिए चुनाव आयोग और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को जिम्मेदार ठहरा रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संसद में चर्चा नहीं होने देते और सदन की कार्यवाही बाधित होने के बाद सड़कों पर प्रदर्शन के जरिए माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। शाह ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और भाजपा कांग्रेस के आरोपों का जवाब संसद से लेकर गांवों और खेत-खलिहानों तक देगी।
एसआईआर प्रक्रिया का बचाव करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि मतदाता सूची को दुरुस्त करना चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों के नाम, दूसरे राज्यों में जा चुके लोगों के नाम और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नाम जैसी विसंगतियां मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब 10 करोड़ नामों से जुड़ी ऐसी गड़बड़ियां सामने आई हैं। इसके अलावा लगभग तीन करोड़ ऐसे लोगों का मामला है, जो सत्यापन के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। शाह ने आरोप लगाया कि इनमें घुसपैठिए भी शामिल हैं और विपक्ष ऐसे लोगों को बचाने का प्रयास कर रहा है।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प घुसपैठियों की पहचान करना, उनके नाम मतदाता सूची से हटाना और उन्हें देश से बाहर करना है। उन्होंने कांग्रेस पर घुसपैठियों के समर्थन में अभियान चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष की राजनीति मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के बजाय घुसपैठियों को बचाने पर केंद्रित है।
कांग्रेस की ओर से मतदाता सूची में गड़बड़ियों के आरोपों पर सवाल उठाते हुए शाह ने कहा कि चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को बूथ स्तर पर अपने प्रतिनिधि नियुक्त करने का अवसर दिया था। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने उस समय अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई। मतदाता सूची में उम्र और पारिवारिक विवरण से जुड़ी कथित विसंगतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी त्रुटियों को दूर करना जरूरी है।
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्मृति ईरानी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मंच पर मौजूद रहे। अमित शाह ने सभा की शुरुआत भारत माता की जय और जय श्रीराम के नारों के साथ कराई।