21 July, 2025
सावन की फुहारों संग जब प्रकृति हरी चूनर ओढ़ती है, तभी हरियाली तीज का पावन पर्व अपने साथ भक्ति, उत्सव और परंपरा की बहार लाता है। इस वर्ष हरियाली तीज रविवार, 27 जुलाई 2025 को मनाई जाएगी। यह पर्व सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया को आता है और खासतौर पर विवाहित महिलाओं के लिए अत्यंत श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है।
पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था, इसलिए इस दिन को उनके पुनर्मिलन का पर्व भी माना जाता है। विवाहित महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं और पति की लंबी उम्र व सुखी दांपत्य जीवन के लिए माता पार्वती से प्रार्थना करती हैं।
पर्व की मुख्य परंपराएं:
- महिलाएं हरे रंग के वस्त्र पहनती हैं जो हरियाली, सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक होते हैं।
- हाथों में मेहंदी रचाना शुभ माना जाता है – मान्यता है कि मेहंदी का रंग जितना गहरा, पति का प्रेम उतना प्रगाढ़।
- सिंदारा भेजने की रस्म निभाई जाती है – मायके से विवाहित बेटियों को कपड़े, मिठाई, चूड़ियां और श्रृंगार का सामान भेजा जाता है।
- गीत-संगीत, झूले और सांस्कृतिक आयोजनों से वातावरण उल्लासित हो उठता है।
किन राज्यों में खास मनाई जाती है हरियाली तीज?
- राजस्थान: पारंपरिक झांकियां, मेलों की रौनक और माता पार्वती की शोभायात्राएं।
- पंजाब: ‘तियां’ के नाम से प्रसिद्ध, महिलाएं लोकगीत गाकर और गिद्धा नृत्य कर उत्सव मनाती हैं।
- हरियाणा: इस दिन राजकीय अवकाश होता है, स्कूल-कॉलेजों में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
- चंडीगढ़: छात्र-छात्राएं नाटक, लोकनृत्य और फोक आर्ट की प्रस्तुतियों से पर्व की शोभा बढ़ाते हैं।
- अन्य प्रमुख तीज पर्व 2025:
- कजरी तीज – मंगलवार, 12 अगस्त 2025
मानसून के स्वागत और हरियाली की खुशी में मनाया जाने वाला पर्व। - हरतालिका तीज – मंगलवार, 26 अगस्त 2025
इस दिन कुंवारी कन्याएं योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए व्रत करती हैं।