मालदीव | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए और द्विपक्षीय रिश्तों में नई ऊर्जा भरने का संदेश दिया। मोदी ने मालदीव को 4,850 करोड़ रुपये की ऋण सुविधा देने की घोषणा की और कहा कि भारत-मालदीव साझेदारी को और गहराई देने के लिए भारत प्रतिबद्ध है।
मोदी ने मालदीव के उपराष्ट्रपति हुसैन मोहम्मद लतीफ, संसद अध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति नशीद समेत तमाम बड़े नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भारत और मालदीव बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, तकनीक और जलवायु जैसे कई अहम क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं और यह साझेदारी दोनों देशों की जनता के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।
प्रधानमंत्री ने मालदीव के साथ 60 साल पुराने राजनयिक रिश्तों की याद दिलाई और इसे “दोनों लोकतंत्रों के साझा मूल्यों की मजबूत नींव” बताया। मोदी ने संसदों के बीच मैत्री समूह बनाने के प्रस्ताव का स्वागत किया और कहा कि भारत मालदीव में क्षमता निर्माण के हर प्रयास में आगे रहेगा।
प्रधानमंत्री की इस यात्रा को भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब भारत-चीन और भारत-बांग्लादेश संबंधों में भी नई हलचल देखने को मिल रही है।