Mandi, Dharamveer
30 जून की रात को मंडी जिला की सराज घाटी में आई भारी आपदा ने स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़कें, पुल और पैदल रास्ते सभी बर्बाद हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नाले पार करने पड़ रहे हैं।
ग्राम पंचायत झुंडी के तहत जुड़ नाले पर बना एक अस्थायी लकड़ी का पुल हादसे का कारण बन गया जब पूजा नामक महिला नाले में गिर गई। महिला को बचाने के लिए तिवेंद्र कुमार और एसएमसी प्रधान यशपाल ने बहादुरी दिखाते हुए पानी में छलांग लगा दी। ग्रामीणों की तत्परता से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बीडीसी सदस्य पार्वती ठाकुर ने बताया कि हादसे के वक्त ग्रामीण राशन लाने के बाद घर लौट रहे थे। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों को भी इसी तरह के खतरनाक रास्तों से गुजरना पड़ रहा है, जिससे उनकी जान को हर दिन खतरा बना हुआ है।
स्थानीय निवासी तनुजा ठाकुर ने बताया कि गांव में न सड़कें बची हैं और न ही सुरक्षित रास्ते। आपदा ने हर सुविधा को छीन लिया है और अब ग्रामीणों को अपनी जान हथेली पर रखकर जीना पड़ रहा है।
सरकारी मदद की अपील
बीडीसी सदस्य पार्वती ठाकुर ने जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि क्षेत्र के रास्तों की मरम्मत और मजबूत अस्थायी पुलों का निर्माण तत्काल किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
प्रदेश के मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्र से आई टीमें क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं और हालात की गंभीरता को समझ चुके हैं। बावजूद इसके, राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने की जरूरत है क्योंकि सराज घाटी अभी भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है।