17 June, 2025
भारत में औसतन 12 ग्राम दैनिक नमक का सेवन हो रहा है, जो WHO की 5 ग्राम सिफारिश से दोगुना है। ज्यादातर नमक घर के पकवान, अचार, चटनी, पापड़ और बाज़ार के प्रसंस्कृत खाने से आता है। इससे उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी संबंधी बीमारियाँ होती हैं—भारत में सालाना लगभग 1.75 लाख मौतें इसी से जुड़ी हैं। विशेषज्ञों ने अब 2030 तक नमक सेवन को 30% कम करने का लक्ष्य रखा है ।
नमक का अधिक सेवन – स्वास्थ्य पर क्या-क्या प्रभाव?
**🔴 उच्च रक्तचाप (Hypertension):** सोडियम की अधिकता रक्तचाप बढ़ाती है, जिससे हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा होता है ।
**🫀 कार्डियोवैस्कुलर और किडनी रोग:** नमक की अधिकता इन रोगों की ओर ले जाती है, खासकर लम्बी अवधि में ।
**💧 सूजन और जल प्रतिधारण:** शरीर में पानी जमा कर देता है, जिससे सूजन आ जाती है ।
**⚠️ अतरिक्त मृत्यु और आर्थिक बोझ:** WHO के अनुसार नमक कमी से स्ट्रोक और हृदय रोगों में भारी कमी लाई जा सकती है, और लाखों ज़िंदगियां बचाई जा सकती हैं ।