गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में पुलिस ने बुजुर्ग राजेंद्र यादव की हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए उनके ही बेटे धर्मेंद्र यादव को गिरफ्तार किया है। शुरुआत में यह हत्या आपसी विवाद या रंजिश का मामला लग रही थी, लेकिन फोरेंसिक जांच और सीन रीक्रिएशन के बाद सामने आया कि आरोपी कोई और नहीं, बल्कि मृतक का बेटा ही है जिसने झूठी कहानी रचकर 10 ग्रामीणों पर झूठा मुकदमा दर्ज कराया था।
पारिवारिक तनाव बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि धर्मेंद्र यादव कई महीनों से घर पर था और उसकी पत्नी भी बीमार थी। इस बात को लेकर उसके पिता राजेंद्र यादव उसे अक्सर ताना मारते और डांटते थे कि वह नौकरी क्यों नहीं करता। इसी बात से परेशान होकर धर्मेंद्र ने 16 जून को कुल्हाड़ी से गला रेतकर अपने ही पिता की हत्या कर दी।
झूठे आरोपों से भटकाना चाहा पुलिस को
हत्या के बाद धर्मेंद्र ने खुद को पीड़ित दिखाने की साजिश रची और गांव के 10 लोगों पर जानलेवा हमले और हत्या की झूठी शिकायत दर्ज करवाई। लेकिन पुलिस की सघन छानबीन, तकनीकी विश्लेषण और फोरेंसिक साक्ष्य ने पूरे मामले की परतें खोल दीं।
एसएसपी ने किया खुलासा, निर्दोष बचे
पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता करते हुए एसएसपी राज करन नैय्यर ने बताया कि इस जघन्य हत्या की जांच एसपी नॉर्थ जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव और सीओ अनुराग कुमार की निगरानी में की गई। जांच में सामने आया कि झूठे मुकदमे का मकसद दूसरों को फंसाकर खुद को बचाना था, लेकिन पुलिस ने सच्चाई उजागर कर न सिर्फ कातिल को पकड़ा, बल्कि निर्दोष ग्रामीणों को भी बड़ी सजा से बचा लिया।