अमेरिका | अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के साथ चल रही सभी व्यापारिक बातचीत को तुरंत प्रभाव से समाप्त करने की घोषणा की है। यह फैसला कनाडा द्वारा अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर डिजिटल सेवा कर लगाए जाने के विरोध में लिया गया है।
ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि कनाडा के साथ व्यापार करना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कनाडा लंबे समय से अमेरिकी किसानों पर भारी टैक्स लगाता आ रहा है और अब अमेरिकी डिजिटल कंपनियों को निशाना बनाकर डिजिटल सेवा कर थोप दिया गया है, जो अमेरिका के लिए अपमानजनक कदम है।
ट्रंप ने कहा कि कनाडा यूरोपीय संघ की नीति की नकल कर रहा है, जिसने पहले ही ऐसा टैक्स लागू किया है और जिस पर अमेरिका के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस टैक्स के चलते अमेरिका कनाडा के साथ सभी व्यापारिक चर्चाएं रोक रहा है।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिका अगले सात दिनों के भीतर यह तय करेगा कि कनाडा से आने वाले किन उत्पादों पर आयात शुल्क लगाया जाए, अगर वह अमेरिका के साथ व्यापार करना चाहता है।
कनाडा द्वारा लागू किए गए डिजिटल सेवा कर का असर मुख्य रूप से अमेरिका की दिग्गज कंपनियों जैसे गूगल, फेसबुक, अमेज़न और एप्पल पर पड़ेगा। यह नया कर जुलाई 2025 से लागू होगा और इससे कनाडा सरकार को हर साल तीन अरब डॉलर तक की अतिरिक्त आय की उम्मीद है।
अमेरिका का मानना है कि यह कर एकतरफा और अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ भेदभावपूर्ण है। ट्रंप इससे पहले भी यूरोप में इसी तरह के टैक्स के विरोध में आक्रामक रुख अपना चुके हैं।
कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्ते काफी मजबूत रहे हैं। कनाडा, अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, और दोनों देशों के बीच हर साल सैकड़ों अरब डॉलर का लेनदेन होता है। खासकर तकनीकी, ऑटोमोबाइल और ऊर्जा क्षेत्रों में दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं गहराई से जुड़ी हुई हैं। सरकारों के बीच इस विवाद के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि व्यापारिक रिश्तों पर इसका क्या असर पड़ता है।