नई दिल्ली | अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में हालिया घटनाओं के चलते भारत में सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए यह समय फायदेमंद साबित हो रहा है। ईरान और इज़राइल के बीच तनाव में कमी और युद्धविराम के बाद निवेशकों का रुझान सुरक्षित विकल्पों से हटता नजर आ रहा है, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं की मांग पर पड़ा है। बीते कुछ दिनों से गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में लगातार गिरावट देखी जा रही है।
गोल्ड 95 हजार के नीचे फिसला
शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 10 ग्राम वायदा सोने की कीमत दिन के कारोबार में 2050 रुपये गिरकर ₹94,951 तक पहुंच गई। हालांकि अंत में यह ₹95,540 पर बंद हुआ। दो दिन पहले तक यह 1 लाख रुपये के करीब कारोबार कर रहा था।
चांदी की कीमत में भी तेज गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी भी दबाव में नजर आई। MCX पर चांदी की कीमत शुक्रवार को ₹1.05 लाख प्रति किलो के नीचे आ गई। कारोबार के दौरान इसमें करीब 1500 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई। पिछले तीन हफ्तों से चांदी की कीमतें 1 लाख रुपये से ऊपर बनी हुई थीं।
10 दिन में कितना टूटा सोना?
13 जून – ₹1,02,284
18 जून – ₹99,589
24 जून – ₹97,055
27 जून – ₹95,540
कुल गिरावट: लगभग ₹5,500 प्रति 10 ग्राम यानी 5% से अधिक
कीमतों में गिरावट की प्रमुख वजहें
- अंतरराष्ट्रीय तनाव में नरमी के चलते सुरक्षित निवेश की मांग घटी है।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख से डॉलर मजबूत हुआ है, जिससे सोना दबाव में है।
- लगातार बढ़त के बाद अब निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिससे कीमतों में और गिरावट देखी जा रही है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों की राय में यह गिरावट अल्पकालिक है। कोटक सिक्योरिटीज की सीनियर एनालिस्ट कायनात चैनवाला का कहना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में थोड़ी और नरमी आ सकती है, लेकिन वर्ष के अंत तक इनमें फिर से उछाल देखा जा सकता है। लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए गोल्ड अभी भी एक मजबूत विकल्प माना जा रहा है।