नई दिल्ली | भारतीय रेलवे टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज़ और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। रेलवे की ओर से तत्काल टिकट बुकिंग, चार्ट तैयार करने के समय और बुकिंग प्रणाली के अपग्रेड को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया है कि यह केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि यात्री अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में व्यापक पहल है।
चार्ट अब पहले तैयार होगा, यात्रियों की योजना में मदद
अब तक रेलवे रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन छूटने से लगभग 4 घंटे पहले तैयार करता था, जिससे वेटिंग यात्रियों को अंतिम समय तक अनिश्चितता का सामना करना पड़ता था।
अब यह प्रक्रिया बदली जाएगी:
- दोपहर 2 बजे से पहले रवाना होने वाली ट्रेनों का चार्ट एक दिन पहले रात 9 बजे ही जारी कर दिया जाएगा।
- इससे वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को पहले ही जानकारी मिल सकेगी कि उन्हें सीट मिली या नहीं।
- यात्री वैकल्पिक यात्रा योजना बना सकेंगे।
- यह व्यवस्था फेज़ वाइज लागू की जाएगी ताकि यात्री आसानी से नए बदलावों में ढल सकें।
तत्काल टिकट अब केवल वेरिफाइड अकाउंट से ही बुक होंगे
1 जुलाई 2025 से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए एक नया नियम लागू होगा:
- आईआरसीटीसी अकाउंट का वेरिफाइड होना अनिवार्य होगा।
- OTP आधारित पहचान प्रणाली भी इसी साल के अंत तक शुरू की जाएगी।
इसका उद्देश्य एजेंटों और फर्जी अकाउंट्स के ज़रिए की जा रही हेराफेरी को रोकना है और वास्तविक यात्रियों को प्राथमिकता देना है।
दिसंबर 2025 से पूरी तरह बदलेगी टिकटिंग प्रणाली
रेलवे की टेक्निकल शाखा CRIS एक नई पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) तैयार कर रही है, जो दिसंबर 2025 तक लॉन्च होगी। इस सिस्टम के प्रमुख फ़ायदे होंगे:
- नई PRS प्रणाली मौजूदा से 10 गुना अधिक टिकट बुकिंग क्षमता के साथ तैयार की जा रही है।
- फिलहाल जहां प्रति मिनट 32,000 टिकट बुक होते हैं, वहीं नई प्रणाली 1.5 लाख टिकट प्रति मिनट प्रोसेस कर सकेगी।
- यह प्रणाली तेज, लचीली और यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस से लैस होगी।
- त्योहारों और छुट्टियों में होने वाली बुकिंग की समस्याएं काफी हद तक कम होंगी।