Summer express/धर्मशाला, राहुल-: भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने धर्मशाला दौरे के दौरान कहा कि निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय चुनावों के लिए मतदाता सूची का शुद्ध एवं अद्यतन होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती का आधार सही मतदाता सूची है, जिसमें केवल पात्र मतदाताओं के नाम शामिल हों।
धर्मशाला स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के भ्रमण के दौरान उन्होंने इसकी प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की और कहा कि वीर भूमि हिमाचल प्रदेश में आकर उन्हें विशेष गर्व की अनुभूति हो रही है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग की समीक्षा बैठक के साथ राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी तथा बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ विस्तृत संवाद किया गया।मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि उन्होंने विभिन्न मतदान केंद्रों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान हिमाचल प्रदेश के बीएलओ की चुनावी प्रक्रिया संबंधी जानकारी और कार्यप्रणाली उनकी अपेक्षाओं से भी बेहतर पाई गई। उन्होंने प्रदेश के सभी उपायुक्तों, एसडीएम और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को इसके लिए बधाई दी।
ज्ञानेश कुमार ने प्रदेश के मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि मतदाता सूची में मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट नामों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। वहीं, जो भी भारतीय नागरिक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका है और संबंधित क्षेत्र में निवास करता है, उसका नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज होना चाहिए।उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए सभी नागरिकों से चुनाव के समय अपने मताधिकार का उपयोग करने की अपील की।उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव एक महापर्व है और हिमाचल प्रदेश इस लोकतांत्रिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।